
Bharat Bandh 2024: छत्तीसगढ़िया सर्व समाज महासंघ ने 21 अगस्त को उच्चतम न्यायालय के द्वारा जारी आरक्षण वर्गीकरण के आदेश के विरोध में भारत बंद का आह्वान किया है, जिसका छत्तीसगढ़ में भी असर दिख रहा है।
मिली जानकारी के मुताबिक, गरियाबंद मुंगेली, कांकेर में सुबह से दुकानें और बाजार बंद है। यहां जरूरी सेवाओं को छोड़कर बस, स्कूल, कॉलेज भी बंद है। आरक्षण के मुद्दे पर सर्व आदिवासी समाज के आव्हान पर भारत बंद का बस्तर में व्यापक प्रभाव दिख रहा है। जिसके चलते बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स के समर्थन से व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद है। बात करें राजधानी रायपुर की तो यहां भारत बंद का जरा भी असर नहीं दिख रहा है क्योंकि चैंबर ऑफ कॉमर्स ने समर्थन नहीं दिया है।
एसटी एससी संगठनों के बंद का आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में ज्यादा असर दिख रहा है। सुबह 5 बजे से ही सड़कों में सन्नाटा छाया हुआ है। सुबह से सभी बाजार बंद है, गाड़ियों के पहिए थमे हुए हैं, सड़क पर गाड़ियां नजर नहीं आ रही है। नेशनल हाइवे पर ट्रकों की लंबी लाइनें लगी हुई है। बताया जा रहा है कि सुबह 6 बजे से ST, SC और ओबीसी वर्ग के लोग बंद कराने सड़क पर निकल पड़े। बुनियादी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मेडिकल स्टोर्स, अस्पताल, पेट्रोल पंप, गैस, दूध, शासकीय कार्यालय, सभी शैक्षणिक संस्था, ऑटो - रिक्शा, निजी वाहन, एंबुलेंस को राहत दी गई है।
भारत बंद के चलते आज सुबह से ही गरियाबंद जिले के सभी दुकानें बंद है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। वहीँ शहर में समाज संगठन के द्वारा रैली भी निकाली जाएगी।
जगदलपुर के नगरनार स्टील प्लांट के मुख्य प्रवेश द्वार पर आदिवासी समाज के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन के चलते गेट पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। अधिकारी, कर्मचारी प्लांट के पीछे अस्थाई गेट नंबर दो से ड्यूटी पर जा रहे हैं।
मुंगेली जिले में सुबह से ही भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। लोरमी, सरगांव, पथरिया में आज सुबह से ही दुकाने बंद नजर आई। सड़कों पर सन्नाटा भी परसा हुआ है।
आदिवासी बाहुल्य होने के बाद भी सरगुजा में बंद का असर देखने को नहीं मिल रहा है. स्कूल, कॉलेज, दुकानें सब खुले हुए हैं।
आरक्षण के विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने कांकेर के शहीद राम कुमार यादव शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को बंद करा दिया। प्रदर्शनकारियों ने अंदर घुसकर बच्चों की छुट्टी करवाई।
रायपुर में बंद का असर देखने को नहीं मिल रहा है। सभी प्राइवेट और गवर्नमेंट स्कूल,कॉलेज खुले हुए हैं। छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स ने भी बंद का समर्थन नहीं किया है। जिसके चलते मार्केट, परिवाह सेवा समेत अन्य सेवाएं चालू हैं।
बिलासपुर जिले में बंद का मिला जुला असर देखने को मिल रहा है। सभी निजी और सरकारी स्कूल खुले हैं।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में भारत बंद का मिला जुला असर देखने। कुछ दुकानें खुली तो कुछ बंद हैं।
छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में भारत बंद का व्यापक असर दिख रहा है तो कही मिला जुला असर देखने को मिल रहा है। वहीँ बात करें जांजगीर चांपा जिले की तो यहां बंद का असर नहीं। सभी दुकानें सुबह से ही खुले हुई है। स्कूल समेत अन्य सेवाएं चालू है।
अनुसूचित जाति-जनजाति (SC-ST) के आरक्षण में क्रीमीलेयर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में आज यानी 21 अगस्त को भारत बंद का आह्वान किया गया है। जिसके चलते छत्तीसगढ़ के कई स्कूलों में छुट्टियां दे दी गई है। बता दें कि बसपा और आरजेडी जैसी पार्टियों ने भी बंद का समर्थन किया है। यहां पढ़िए पूरी खबर…
कोर्ट द्वारा आरक्षण के मसले पर सुनाए गए फैसले को लेकर आज बस्तर बंद है। बंद को शांतिपूर्ण तरीके से कराए जाने को लेकर जिला प्रशासन और सर्व आदिवासी समाज के बीच कई दौर की बैठक हुई थी। इसमें कई मामलों पर सहमति बनी। यहां पढ़िए पूरी खबर…