
रायपुर.ब्लैक फंगस (Black Fungus Mucormycosis) को महामारी (Pandemic) घोषित करने के लिए छत्तीसगढ़ ने तैयारी पूरी कर ली है। स्वास्थ्य विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार शुक्रवार को विधि विभाग को भेज दिया। सूत्रों के शनिवार या रविवार को इस पर विधि विभाग की मुहर लग सकती है। इसके बाद कोरोना की तरह ही ब्लैक फंगस भी महामारी कहलाएगी। वहीं भिलाई में ब्लैक फंगस से एक और मौत हो गई। नेहरू नगर निवासी मेडिकल व्यवसायी सुरेश रत्नानी की पत्नी माधुरी रत्नानी (56) कोरोना संक्रमण के बाद रायुपर के एक निजी अस्पताल में 20 दिनों से भर्ती थी। वह वेंटिलेटर पर थी इस बीच ब्लैक फंगस का पता चला।
पत्रिका से बातचीत में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव (CG Minister TS Singhdeo) ने कहा कि मैंने केंद्रीय स्वास्थ्य डॉ. हर्षवर्धन को ब्लैक फंगस की रोकथाम, इलाज को लेकर अवगत करवाया। उन्हें बताया गया कि राज्य इसे महामारी घोषित करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि ब्लैक फंगस के इलाज के लिए आवश्यक सिर्फ 500 इंजेक्शन ही मिले हैं, हमने केंद्र से 12,000 इंजेक्शन की मांग की है। क्योंकि अभी ही राज्य में 102 मरीज रिपोर्ट हो चुके हैं, एक मरीज को 50 से अधिक इंजेक्शन लगते हैं। दवाओं का पर्याप्त स्टॉक होना चाहिए। सिंहदेव ने कहा कि इंजेक्शन की आपूर्ति के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वास्त किया है। जानकारी के मुताबिक राज्य को केंद्र ने इंजेक्शन का आवंटन किया है, जो शनिवार को पहुंचेंगे।
आपके लिए जानना जरूरी है
महामारी घोषित कब होती है- कोई बीमारी किसी एक इलाके से निकलकर राज्य या देश की बड़ी आबादी को प्रभावित करती है, या इसकी कोई भी आशंका दिखाई देती है तो उसको महामारी घोषित किया जाता है।
इससे आम लोगों/मरीजों को क्या लाभ होता है?- महामारी घोषित होने के बाद केंद्र और राज्य सरकार अलर्ट मोड पर आ जाती हैं। इससे निपटने के लिए साधन-संसाधन जुटाए जाते हैं। शोध पर भी फोकस बढ़ता है। निजी अस्पताल उस बीमारी के इलाज और रिपोर्टिंग में शासन के निर्देश के बाध्य होते हैं। एक्ट के प्रावधान होते हैं, कार्रवाई होती है। मरीजों को केंद्र द्वारा दवाओं की उपलब्धता करवाई जाती है।
(- जैसा राज्य महामारी नियंत्रण कार्यक्रम के संचालक डॉ. सुभाष मिश्रा ने बताया।)