Budget 2026: इन बदलावों का उद्देश्य टैक्स रिटर्न फाइलिंग को सरल बनाना, विदेशी लेन-देन पर टैक्स कम करना और छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में करदाताओं के लिए सुविधा बढ़ाना है।
Budget 2026: छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्रालय ने इनकम टैक्स नियमों में चार अहम बदलाव किए हैं, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। इन बदलावों का उद्देश्य टैक्स रिटर्न फाइलिंग को सरल बनाना, विदेशी लेन-देन पर टैक्स कम करना और छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में करदाताओं के लिए सुविधा बढ़ाना है।
केंद्र सरकार ने पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961 को बदलकर नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लाने का फैसला किया है। यह नया कानून 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। इसमें टैक्स स्लैब या दरों में कोई बदलाव नहीं, लेकिन टैक्स रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया को आसान और डिजिटल बनाया जाएगा। इससे रायपुर और छत्तीसगढ़ के करदाता बिना जटिल प्रक्रिया के ऑनलाइन रिटर्न दाखिल कर सकेंगे।
विदेश में पढ़ाई या इलाज के लिए पैसे भेजते समय TCS (Tax Collection at Source) की दर को घटाकर 5% से 2% कर दिया गया है। इसके अलावा विदेशी टूर पैकेज पर लगने वाले 5% और 20% के TCS रेट को भी घटाकर 2% किया गया है। इसका फायदा रायपुर और अन्य छत्तीसगढ़ी परिवारों को विदेश पढ़ाई या इलाज में आर्थिक रूप से राहत देगा।
अब अगर किसी करदाता पर इनकम टैक्स नहीं बनता है तो TDS (Tax Deduction at Source) काटा नहीं जाएगा। पहले इसके लिए फॉर्म 15G (60 साल से कम उम्र वालों के लिए) या फॉर्म 15H (वरिष्ठ नागरिकों के लिए) जमा करना पड़ता था। नई सुविधा से रायपुर और छत्तीसगढ़ के करदाता TDS बचाने के लिए अलग आवेदन देने की झंझट से मुक्त होंगे।
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में सुधार करने की आखिरी तारीख अब 31 मार्च तक बढ़ा दी गई है। इससे पहले यह 31 दिसंबर थी। मामूली शुल्क देकर अब रायपुर और छत्तीसगढ़ के करदाता भी देर तक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल कर सकते हैं।
छत्तीसगढ़ के करदाताओं के लिए अब इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना और भी आसान और तेज़ हो गया है। विदेश में पढ़ाई या इलाज के लिए भेजे जाने वाले पैसे पर टैक्स कम कर दिया गया है, जिससे आर्थिक बोझ में राहत मिलेगी। इसके अलावा अब TDS से बचने के लिए अलग से फॉर्म जमा करने की जरूरत नहीं होगी, जिससे प्रक्रिया और भी सरल हो जाएगी। साथ ही, रिवाइज्ड रिटर्न की समय सीमा बढ़ा दी गई है, जिससे करदाता गलती सुधारकर 31 मार्च तक रिटर्न फाइल कर सकते हैं।