
रायपुर . केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं-12वीं मुख्य परीक्षाओं के लिए निर्देश जारी किया है। नए निर्देश के तहत एग्जाम देने के लिए वही स्टूडेंट पात्र होगा जिसकी अटेंडेंस कम से कम 75 फीसदी होगी। कम उपस्थिति वाले स्टूडेंट को परीक्षा से वंचित किया जा सकता है। उपस्थिति की गणना 1 जनवरी (1 january) 2020 तक होगी। बता दें कि छत्तीसगढ़ (chhattisgarh) सीबीएसई के भुवनेश्वर रीजन में आता है।
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[typography_font:18pt]7 जनवरी तक देना होगा प्रमाण-पत्र
सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी से होंगी। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक ने समस्त क्षेत्रीय अधिकारी एवं स्कूलों को निर्देश जारी किए हैं कि वे उपस्थिति संबंधी नियमों का सख्ती से पालन कराएं। कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों को परीक्षा से वंचित करने अथवा उनके अभिभावकों को अनुपस्थिति संबंधी पुख्ता कारण और प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने होंगे। कम उपस्थिति संबंधी प्रकरण मय प्रमाण सीबीएसई के केंद्रीय कार्यालय में 7 जनवरी तक प्रस्तुत करने होंगे। इसके बाद किसी प्रकरण पर सुनवाई नही होगी और संबंधित विद्यार्थी को परीक्षा से बाहर कर दिया जाएगा।
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[typography_font:18pt]इसका देना होगा सर्टिफिकेट
अगर स्टूडेंट लंबे समय तक बीमार होने की वजह से अनुपस्थित रहा हो तो अभिभावकों की पूर्व अपील, सरकारी चिकित्सक का प्रमाण-पत्र और सभी मेडिकल जांच आदि प्रस्तुत करना होगा। वहीं, करीबी रिश्तेदार, माता-पिता की मौत अथवा अन्य दुर्घटना पर मृत्यु प्रमाण-पत्र और संबंधित स्कूल की अनुशंसा को प्रस्तुत करना पड़ेगा।
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[typography_font:18pt]खेल स्पर्धाओं पर मिलेगी रियायत
खेलों में प्रतिनिधित्व करने वाले स्टूडेंट्स को 75 फीसदी उपस्थिति की बाध्यता (75 per attendence compulsory) नहीं है। ऐसे स्टूडेंट्स को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली खेल प्रतियोगिताओं में शामिल होने पर अभिभावकों की पूर्व अपील, संबंधित आयोजकों का प्रमाण-पत्र देने पर रियायत मिलेगी।
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