रायपुर

CG Cabinet Meeting: 3 साल बाद तबादलों पर लगी रोक हटी, बस्तर-सरगुजा में नई होम-स्टे नीति पर फैसला… CM साय ने लिए कई अहम फैसले

CG Cabinet Decisions: छत्तीसगढ़ में पिछले तीन सालों से तबादलों में लगी रोक हट जाएगी। इसके साथ ही तबादलों के लिए 6 जून से आवेदन लेने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी।
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Jun 05, 2025
Cm Cabinet Meeting:साय सरकार ने ट्रांसफर से हटाया बैन, कैबिनेट की बैठक में लिए गए कई अहम फैसले
कैबिनेट की बैठक में लिए गए कई अहम फैसले (Photo CG Dpr)

CG Cabinet Meeting: छत्तीसगढ़ में पिछले तीन सालों से तबादलों में लगी रोक हट जाएगी। इसके साथ ही तबादलों के लिए 6 जून से आवेदन लेने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। कर्मचारियों के पास आवेदन के लिए सिर्फ 8 दिन का समय होगा। तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों के मामलों में उनके संवर्ग के अधिकतम 10 प्रतिशत और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों में अधिकतम 15 प्रतिशत के ही तबादले हो सकेंगे। परिवीक्षाधीन अधिकारी-कर्मचारियों के तबादले नहीं होंगे।

यह निर्णय बुधवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया। कैबिनेट की बैठक में वर्ष 2025 के लिए स्थानांतरण नीति का अनुमोदन किया गया। इससे पहले वर्ष 2022 में तबादला नीति जारी हुई है। विधानसभा, लोकसभा और नगरीय निकाय चुनाव की वजह से नई तबादला नीति जारी नहीं हो सकी थी। हालांकि मुख्यमंत्री के समन्वय से तबादला जरूर हो रहा था।

ई-ऑफिस से जारी होंगे आदेश

पति-पत्नी की एक स्थान पर पदस्थापना, ग्रामीण-शहरी संतुलन और पारदर्शिता के लिए राज्य स्तर के सभी स्थानांतरण आदेश ई-ऑफिस के माध्यम से जारी होंगे। जिला स्तर पर निर्धारित समयावधि में स्थानांतरण जारी कर उसी तिथि को आदेश की प्रति सामान्य प्रशासन विभाग को मेल करना होगा।

असंतुष्ट कर्मचारियों को मिलेगा एक मौका

तबादला से असंतुष्ट कर्मचारियों को राज्य सरकार एक मौका देगी। इसके तहत कर्मचारी तबादले के विरुद्ध 15 दिन में राज्य स्तरीय समिति को आवेदन कर सकते हैं। यह व्यवस्था इसलिए कि जा रही है क्योंकि तबादला से नाराज बहुत से कर्मचारी सीधे कोर्ट चले जाते हैं।

ये तरीखे हैं खास

5 जून से जिला स्तरीय कर्मचारियों का संलग्नीकरण हो जाएगा समाप्त।
6 से 13 जून तक तबादलों के आवेदन लिए जाएंगे।
14 से 25 जून तक जिला स्तर पर तबादला।
25 जून के बाद फिर से तबादलों पर लगेगी रोक।

छत्तीसगढ़ होमस्टे नीति 2025-30 को मंजूरी

कैबिनेट ने ग्रामीण एवं आदिवासी बहुल क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर देने छत्तीसगढ़ होमस्टे नीति 2025-30 को मंजूरी दी है। होमस्टे नीति का उद्देश्य यह है कि छत्तीसगढ़ के गांवों और विशेषकर बस्तर और सरगुजा के दूर-दराज के इलाकों में पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए।

इससे वहां के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिले। होमस्टे के ज़रिए पर्यटकों को गांव की संस्कृति, कला, शिल्प और प्रकृति से जुड़ा खास अनुभव मिलेगा, साथ ही, इससे गांवों में रहने वाले लोगों को सीधा लाभ होगा और उनकी आमदनी बढ़ेगी।

निम्न और मध्यम वर्ग के परिवारों को सस्ते में मिली जमीन

कैबिनेट ने राज्य के निम्न एवं मध्यम वर्गीय परिवारों को शहरों में किफायती एवं सस्ते भूखण्ड उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ किफायती जन आवास नियम 2025 को मंजूरी दी है। इससे लोगों को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में उचित दर पर भूखंड उपलब्ध कराकर पानी, बिजली, सड़क, सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। अवैध प्लाटिंग की रोकथाम के साथ ही लोगों को सुव्यवस्थित कॉलोनियों का विकल्प मिलेगा। इससे राज्य में रियल एस्टेट व इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में निवेश के नए अवसर बनेंगे।

युवाओं को 2.50 लाख और संस्था को 5 लाख का पुरस्कार

कैबिनेट ने युवा रत्न सम्मान योजना शुरू करने का फैसला लिया है। इसमें युवा कल्याण के विभिन्न क्षेत्र में काम करने वाले व्यक्ति को पदक, प्रमाण पत्र, शॉल और अधिकतम 2.50 लाख रुपए, जबकि संस्था को अधिकतम 5 लाख रुपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। यह सम्मान हर साल दिया जाएगा। इसके साथ ही सामाजिक, साहित्य, नवाचार, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, महिला एवं बाल विकास, मीडिया, स्वास्थ्य, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, कला-संगीत तथा लोककला के क्षेत्र में युवा रत्न सम्मान दिया जाएगा।

इसमें हर सा उपरोक्त क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य के लिए चयनित एक-एक युवाओं को 1 लाख रुपए तक दिया जाएगा। महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए यह सम्मान केवल महिलाओं और बालिकाओं को दिया जाएगा। आवेदक को छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना चाहिए और उसकी उम्र 15 से 29 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

तबादला नीति में क्या है खास

राज्यस्तर पर तबादला विभागीय मंत्री की मंजूरी से। साथ ही न्यूनतम 2 वर्ष सेवा अनिवार्य।
जिला स्तर पर तबादला प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से।
गंभीर बीमारी, मानसिक-शारीरिक अक्षमता और सेवा निवृत्ति से पूर्व एक वर्ष के मामलों में विशेष सुविधा मिलेगी।
अनुसूचित क्षेत्रों से स्थानांतरण के लिए एवजीदार अनिवार्य है।
सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर जैसे जिलों में रिक्त पदों को भरने होगा विशेष प्रयास।

Updated on:
05 Jun 2025 07:43 am
Published on:
05 Jun 2025 07:43 am