CG Cabinet Minister: साय मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। अब सीएम के दिल्ली दौरे से लौटने के बाद यह कहा जा रहा है कि जल्द ही नामों की घोषणा हो सकती है..
CG Cabinet Minister: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का दिल्ली प्रवास एक बार फिर चर्चा में आ गया। दरअसल, छत्तीसगढ़ में लंबे समय से मंत्रिमंडल का विस्तार अटका हुआ है। ऐसे में मुख्यमंत्री दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की है। इस वजह से एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। माना जा रहा है विधानसभा के मानसून सत्र से पहले मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। वर्तमान में दो मंत्रियों की नियुक्ति होनी है।
छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल का विस्तार कुछ समय से चर्चा का केंद्र बना हुआ है। पहले यह मामला लोकसभा और नगरीय निकाय चुनाव की वजह से टल गया। इसके बाद चर्चा थी कि विधानसभा के बजट सत्र से पहले नए मंत्री चुन लिए जाएंगे। हालांकि मंत्री पद के दावेदारों को इसमें भी निराशा हाथ लगी। इसके बाद चर्चा आई कि सुशासन तिहार के बाद मंत्रिमंडल का विस्तर हो सकता है। यही वजह है कि इस बार सीएम के दिल्ली दौरे पर सभी की निगाह टिकी हुई है।
संगठन से जुड़े लोगों का कहना है कि मंत्रिमंडल के विस्तार में देरी की गई वजह है। मंत्री के दो पद के लिए कई दावेदार मैदान में है। इस वजह से भी फैसले लेने में थोड़ा विलंब हो रहा है। संगठन का इस बात पर भी जोर है कि जातिगत और क्षेत्रीय समीकरण को ध्यान में रखा जाए, ताकि विकास की गति सामान्य रूप से चल सके। वैसे संगठन खेमे में जो चर्चा है कि उसके मुताबिक बस्तर संभाग से एक मंत्री बनाना तय माना जा रहा है। वहीं दूसरी ओर बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग के बीच कशमश चल रही है। बता दें कि रमन सरकार के समय मंत्रिमंडल में शामिल बहुत से मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। संगठन ने युवा और नए चेहरों को महत्व दिया था।
बताया जाता है कि मुख्यमंत्री साय ने सुशासन तिहार में सरकारी कामकाज के साथ-साथ मंत्रियों के कामकाज का भी आंकलन किया था। सुशासन तिहार समाप्त होने के साथ ही मुख्यमंत्री लगातार मंत्रियों के विभागों की काम की समीक्षा कर रहे हैं। ऐसे में चर्चा इस बात की भी है कि क्या किसी मंत्री को बदला जा सकता है। हालांकि चुनाव की वजह से मंत्रियों को अपनी उपयोगिता साबित करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाया है।
ऐसे में किसी मंत्री को बदले जाने की संभावना काफी कम है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री साय ने राज्यपाल से मुलाकात की थी। इसके बाद मंत्री पद के दावेदार कई विधायकों ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल से मुलाकात की थी। अधिकारियों के मुताबिक यह सभी सौजन्य मुलाकात थी, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा काफी रही। हालांकि मंत्रिमंडल का विस्तार पूरी से मुख्यमंत्री के विशेषाधिकार का मामला है।