CG Raipur News : चुनावी तैयारियों में जुटी कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के लिए संभागीय सम्मेलनों का दौर शुरू कर दिया है।
CG Raipur News : चुनावी तैयारियों में जुटी कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के लिए संभागीय सम्मेलनों का दौर शुरू कर दिया है। बस्तर, बिलासपुर और दुर्ग के बाद अब रायपुर संभाग का सम्मेलन 11 जून को राजधानी के इनडोर स्टेडियम में और सरगुजा संभाग का सम्मेलन 13 जून को खरसिया रोड अंबिकापुर में होगा।
इस सम्मेलन की सबसे अहम बात यह है कि कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा मौजूद रहेंगी और कार्यकर्ताओं के मन को समझने का प्रयास करेंगी। (CG Raipur News) यह सम्मेलन टिकट वितरण में भी अपनी अहम भूमिका निभाएगा।
इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत के अलावा प्रभारी सचिव व संबंधित संभाग के सभी वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। सम्मेलन के जरिए कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं के बीच एकता का संदेश देने का भी प्रयास करेंगे। लिहाजा इन सम्मेलनों में कांग्रेस अपनी पूरी ताकत लगा रही है। (cg news today) बताया जाता है कि संभागीय सम्मेलनों का दौर खत्म होने के बाद विधानसभा सत्र पर कार्यक्रम करने की तैयारी है।
संभागीय सम्मेलन के साथ ही टिकट के नए दावेदार सक्रिय हो गए हैं। सम्मेलन वाले क्षेत्रों में वॉल राइटिंग और भीड़ जुटाकर अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। इससे वर्तमान विधायकों की परेशानी बड़ी गई है। बता दें कि कांग्रेस में विधायकों के कामकाज को लेकर सर्वे कराया था। इसमें करीब 42 विधायकों की रिपोर्ट संतोषजनक नहीं थी। (chhattisgarh news) यह सर्वे सोशल मीडिया में भी जमकर वायरल हुआ था। इसके बाद टिकट के दावेदारों की संख्या और भी बढ़ गई है। वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस बात के संकेत दिए हैं कि कमजोर प्रत्याशियों की टिकट कट सकती है। माना जा रहा है कि कांग्रेस 20 से 25 फीसदी विधायकों की टिकट काट सकती है।
सम्मेलन के बाद प्रशिक्षण का दौर
कांग्रेस का संभागीय सम्मेलन खत्म होने के बाद प्रशिक्षण का दौर शुरू होगा। चुनावी साल में कार्यकर्ताओं को खास तरीके से प्रशिक्षण देकर मैदान में उतारने की तैयारी है। यही वजह है कि इस प्रशिक्षण शीर्ष नेतृत्व अलग से लोगों को भेजेगा। (Raipur News Hindi) फिलहाल प्रशिक्षण का खाका तैयार हो गया है, लेकिन उसकी तिथि घोषित नहीं हुई है। माना जा रहा है कि संभाग स्तर पर कार्यकर्ताओं को बुलाकर प्रशिक्षण दिया जा सकता है।