
CG Fraud News: स्मार्ट सिटी का ठेका दिलाने के नाम पर 15 करोड़ की ठगी करके पूर्व सीएम के करीबी केके श्रीवास्तव फरार हो गए हैं। पुलिस उसे पकड़ नहीं पा रही है। इस मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। एफआईआर होने के बाद से रायपुर का एक नेता और उसके सहयोगी भी गायब हो गए हैं। उनके मोबाइल नंबर भी बंद हैं। इससे धोखाधड़ी के मामले से उनके भी जुड़ाव होने की आशंका है। फिलहाल पुलिस का दावा है कि आरोपी की तलाश की जा रही है।
केके पिछली सरकार में काफी प्रभावशाली रहे हैं। इसका लाभ उठाते हुए स्मार्ट सिटी में ठेका दिलाने के नाम पर दिल्ली के कारोबारी रावत एसोसिएट के मालिक अशोक रावत से 15 करोड़ रुपए ठग लिए। उन्हें काम नहीं दिलाया और न ही रकम लौटाई। उल्टा कंपनी के मालिक को जान से मारने की धमकियां दी जा रही थी। इसकी शिकायत पर पखवाड़े भर पहले तेलीबांधा थाना में केके और उनके बेटे के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है।
केके ने कोरबा में राखड़ परिवहन करने के लिए कंपनी बनाई थी। इसके जरिए उद्योगों से निकलने वाले राख का परिवहन उन्हीं की कंपनी करती थी। कोल घोटाले के दौरान उनकी कंपनी को भी ईडी ने जांच के घेरे में लिया था।
एफआईआर होने के बाद से केके और उनका बेटा फरार है। सूत्रों के मुताबिक केवल दिखावे के लिए फरार बताया जा रहा है। केके रायपुर और बिलासपुर के अपने बेहद करीबी लोगों के साथ ही है। हालांकि पुलिस का दावा है कि आरोपियों की तलाश में पुलिस लगी है। उनका पता नहीं चल पाया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में लगी है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
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