रायपुर

CG News: 3789 स्कूलों के लिए बजट का प्रावधान, फिर भी हालत जर्जर, पिछली सरकार में शुरू हुआ था काम

CG News: प्रदेश के सबसे ज्यादा बच्चे शासकीय स्कूलों में ही पढ़ाई करते हैं। प्राथमिक स्कूलों में दर्ज संख्या सबसे अधिक होती है। यहां छोटे बच्चे पढ़ाई करते हैं। जबकि इन्हीं स्कूलों में सबसे अधिक खतरा है।

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Apr 10, 2025

CG News: छत्तीसगढ़ सरकार लगभग हर साल स्कूल शिक्षा के लिए सबसे अधिक बजट रखी है। वित्तीय वर्ष 2025- 26 में भी स्कूल शिक्षा के लिए 22 हजार 356 करोड़ रुपए रखा गया है। यह कुल बजट का 12 फीसदी राशि है। इसके बाद भी प्रदेश के 3789 स्कूल भवन जर्जर है। यह स्थिति तब है कि जब हम अपने राज्य का रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं।

CG News: काम की मंजूरी मिलने के बाद भी काम नहीं

दूसरी सबसे बड़ी बात यह है कि स्कूलों की जर्जर स्थिति को सुधारने के लिए बजट में राशि का प्रावधान करने के बाद भी सुधार में देरी हो रही है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य राज्य के सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं में सुधार करना है।

इस योजना का उद्देश्य नई कक्षाओं का निर्माण, मौजूदा सुविधाओं का नवीनीकरण तथा पुस्तकालयों और शौचालयों जैसी आवश्यक सुविधाओं में सुधार करना है। था। इसके लिए बजट में राशि भी रखी गई थी। इसके तहत काम की मंजूरी मिलने के बाद 8106 काम पूरे नहीं हो सके हैं। वहीं 2723 कार्य प्रागतिरत है, जो कि विभिन्न कारणों से पूरे नहीं हो सके हैँ। वहीं वित्त विभाग के निर्देश की वजह से 5383 काम शुरू ही नहीं हो सके हैं।

जहां छोटे बच्चे पढ़ते हैं, वो अधिक जर्जर

प्रदेश के सबसे ज्यादा बच्चे शासकीय स्कूलों में ही पढ़ाई करते हैं। प्राथमिक स्कूलों में दर्ज संख्या सबसे अधिक होती है। यहां छोटे बच्चे पढ़ाई करते हैं। जबकि इन्हीं स्कूलों में सबसे अधिक खतरा है। प्रदेश के 2737 प्राथमिक स्कूल जर्जर स्थिति में है। बारिश के समय में इनकी स्थिति और भी खराब होती है। इसे लेकर कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी है। इसके बाद भी व्यवस्था में अभी भी खामियां सामने आ रही है।

1297 से अधिक स्कूलों के पास भवन नहीं

CG News: राज्य निर्माण के 25 साल बाद भी 1297 स्कूल ऐसे हैं, जिनके पास स्वयं के भवन नहीं है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की ​स्थिति फिर भी ठीक है, लेकिन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ज्यादा दिक्कत है। वहींं 14 हजार से अधिक स्कूल ऐसे हैं, जिनके पास अहाता नहीं है।

गड़बड़ी की शिकायतों पर चल रही जांच: सीएम

विधानसभा में स्कूल जनत योजना के तहत राशि खर्च नहीं करने का मुद्दा उठा था। इस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया था कि इस योजना में कई जगह गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही है। इसकी जांच होने के बाद स्कूलों में निर्माण कार्य शुरू होगा।

फैक्ट फाइल

पत्रिका एक्सपोज- राहुल जैन

Published on:
10 Apr 2025 09:42 am
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