Raipur News: राजधानी में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू हो जाने के बाद कलेक्टे्रट परिसर में प्रस्तावित पांच मंजिला कंपोजिट बिल्डिंग की योजना में बदलाव की संभावना बन गई है।
CG News: राजधानी में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू हो जाने के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में प्रस्तावित पांच मंजिला कंपोजिट बिल्डिंग की योजना में बदलाव की संभावना बन गई है। इसी कारण कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित एसपी भवन को अब तक नहीं तोड़ा गया है। जबकि बीते कई दिनों से आसपास तोड़फोड़ और खुदाई का कार्य लगातार जारी है, लेकिन एसपी भवन जस का तस बना हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, पहले जिस कंपोजिट बिल्डिंग में एसपी कार्यालय को शामिल किया जाना था, वहां अब पुलिस कमिश्नर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के बैठने की व्यवस्था किए जाने पर शासन स्तर पर विचार चल रहा है। हालांकि कलेक्टोरेट परिसर में ही नई बिल्डिंग का निर्माण होना तय है, इसलिए एसपी भवन के चारों ओर खुदाई का कार्य शुरू करा दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, कंपोजिट बिल्डिंग के निर्माण के लिए दो साल की समय-सीमा निर्धारित की गई है। ऐसे में एसपी भवन के चारों ओर खुदाई का कार्य तो चल रहा है, लेकिन भवन के नहीं टूटने से निर्माण कार्य में देरी की आशंका जताई जा रही है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का कहना है कि वर्क ऑर्डर में तय दो साल की समय-सीमा एसपी भवन के ध्वस्तीकरण के बाद ही प्रभावी मानी जाएगी।
पांच मंजिला कंपोजिट बिल्डिंग के निर्माण पर शासन द्वारा लगभग 30 करोड़ रुपए की लागत तय की गई है। पीडब्ल्यूडी ने निर्माण एजेंसी को ठेका भी दे दिया है और भवन का डिजाइन तैयार है। हालांकि एसपी की जगह अब पुलिस कमिश्नर सहित अन्य अधिकारियों के बैठने की व्यवस्था किए जाने की स्थिति में निर्माण डिजाइन में बदलाव किया जा सकता है। इसके चलते परियोजना की लागत बढ़ने की भी संभावना जताई जा रही है।