
Bhupesh Baghel Statement: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के मुद्दे को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक प्रेसवार्ता के दौरान राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए धान खरीदी में हो रही देरी को सोची-समझी बदनीयती करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण अभी तक धान खरीदी की तारीख घोषित नहीं की गई है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार नहीं चाहती कि प्रदेश के किसान, गरीब और मजदूर ठीक से दीपावली का त्योहार मना सकें।
पूर्व सीएम ने मांग की है कि या तो दीपावली से पहले धान खरीदी शुरू की जाए या फिर किसानों को अग्रिम भुगतान की व्यवस्था दी जाए। साथ ही उन्होंने इस वर्ष धान का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 3,358 रुपए प्रति क्विंटल किए जाने की मांग उठाई है, जिसमें भाजपा के 3,100 रुपए के चुनावी वादे में 258 रुपए की बढ़ोतरी शामिल है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि पिछले वर्ष का 51.50 लाख टन चावल अभी तक भारतीय खाद्य निगम (FCI) में पूरी तरह जमा नहीं किया जा सका है। राईस मिलरों और संग्रहण केंद्रों पर जगह की कमी के चलते व्यवस्था चरमरा गई है, और इसी नाकामी को छुपाने के लिए धान खरीदी के कार्यों को टाला जा रहा है। इसके अलावा, उन्होंने पटवारियों की हड़ताल पर गहरी चिंता जताई, जिसके कारण 31 अक्टूबर तक धान खरीदी के वास्ते किसानों का पंजीयन कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
प्रेसवार्ता के दौरान भूपेश बघेल ने केवल धान खरीदी ही नहीं, बल्कि महतारी वंदन योजना के तहत कथित वसूली और लाभार्थियों की संख्या में आ रही कमी पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार को इन तमाम जनहित के मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, अन्यथा कांग्रेस पार्टी किसानों और आम जनता के हक के लिए सड़क से लेकर सदन तक जोरदार संघर्ष करेगी।