
रायपुर. छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, मिजोरम और तेलंगाना में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा विभिन्न समितियों के गठन को लेकर अंतिम रूप दे रही है। चुनाव के मद्देनजर बनाई जा रही इन समितियों में विभिन्न वर्ग के नेताओं को जगह देकर संतुलन साधने की कोशिश की जाएगी।
इसके साथ ही पार्टी घोषणा पत्र की जगह संकल्प पत्र जारी करने पर विचार कर रही है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का दौरा कर चुके हैं। इन राज्यों में शाह ने कई कार्यक्रमों के जरिए स्थानीय मुद्दों, कार्यकर्ताओं की नाराजगी और नेताओं की आपसी गुटबाजी का भी आकलन किया।
सूत्रों के मुताबिक इस आकलन के बाद पार्टी नेतृत्व विभिन्न समितियों की घोषणा करके चुनावी अभियान को तेज करेंगे। इन समितियों में जहां पार्टी हर वर्ग के नेताओं शामिल करके संतुलन साधने का प्रयास करेगी, वहीं असंतुष्ट नेताओं को जगह देकर एकजुटता का संदेश देगी।
घोषणा पत्र नहीं संकल्प पत्र
पार्टी राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में घोषणा पत्र नहीं संकल्प पत्र जारी करेगी। ऐसा प्रयोग पार्टी गुजरात विधानसभा चुनाव में कर चुकी है। पार्टी का मानना है कि घोषणा पत्र की जगह संकल्प पत्र जारी कियाजाएगा ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 2022 में न्यू इंडिया का जो सपना है वो साकार हो सके।
लोकसभा की भी तैयारी
भाजपा चुनावी राज्यों के अलावा 2019 के लोकसभा चुनाव की भी तैयारी में जुटी है। इसलिए चुनाव समितियों को बनाने में पार्टी फूंक-फूंक कर कदम रखना चाहती है। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भाजपा सत्ता में है। अगर कहीं सत्ता विरोधी सुगबुगाहट हुई तो पार्टी के लिए बड़ा खतरा है। इसलिए पार्टी नेतृत्व सभी समीकरण को ध्यान में रखकर ही निर्णय लेगी।