रायपुर

आफ द रेकॉर्ड: लोकसभा चुनाव में कई केंद्रीय मंत्रियों के टिकट कटने के आसार तो नेताओं ने ये क्या कहा…

साल 2019 के लोकसभा चुनाव में कई केंद्रीय मंत्रियों के टिकट कटने के आसार साफ नजर आ रहे हैं। ऐसे में जिनको अपनी टिकट कटती दिख रही है वे पहले से ही कहने लगे हैं कि वे खुद ही अब चुनाव लड़ना नहीं चाहते।
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Sep 28, 2018
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रायपुर. सरकारी कार्यक्रमों में नाम और तस्वीर को लेकर हमेशा विवाद होते रहे हैं। केंद्र सरकार हर साल 'भारत' नाम से एक संदर्भ ग्रंथ प्रकाशित करती है जो खास तौर पर प्रतियोगिता परीक्षाओं में बैठने वाले छात्रों के बीच बेहद लोकप्रिय है। सरकारी विभाग में अगले साल की किताब की तैयारी चल रही है। ऐसे में इसके कवर की खोज भी शुरू हो गई। पहले के वर्षों में जहां देश की प्रमुख घटनाओं और खिलाडिय़ों आदि से संबंधित तस्वीरें रहती थीं, नई सरकार के आने के बाद से हर बार सिर्फ देश के शीर्ष नेता की ही तस्वीर इन पर छप रही हैं। ऐसे में अधिकारी अब शीर्ष से ही इस संबंध में निर्देश का इंतजार कर रहे हैं।

'चुनाव लड़ने का मूड नहीं'
साल 2019 के लोकसभा चुनाव में कई केंद्रीय मंत्रियों के टिकट कटने के आसार साफ नजर आ रहे हैं। ऐसे में जिनको अपनी टिकट कटती दिख रही है वे पहले से ही कहने लगे हैं कि वे खुद ही अब चुनाव लड़ना नहीं चाहते। इसमें बिहार कोटे के एक केंद्रीय मंत्री हैं। सरकार और मंत्रालय को मोह-माया बता कर अक्सर अब ये दूसरी जिम्मेदारी की बात करते देखे जा रहे हैं। यही हाल उनका भी है जो केंद्र में रोजगार से जुड़े एक मंत्रालय के पहले मंत्री रहने का गौरव हासिल कर चुके हैं और अब सरकार के रहते ही पूर्व मंत्री भी हो चुके हैं। एक ही जाति और एक ही राज्य के इन दोनों नेताओं को अपना भविष्य शायद दिखाई दे गया है।

'वेटिंग हॉल में अधिकारी'
अधिकारी अक्सर अपनी पोस्टिंग ऐसी जगह चाहते हैं, जहां काम के संग ही मौज-मस्ती का मौका भी मिल सके। लेकिन अपना बोरिया-बिस्तर बांध चुके गोवा के मुख्य सचिव सहित कई शीर्ष अधिकारियों को मजबूरी में यहां टिके रहना पड़ रहा है। राजनीतिक उथल-पुथल के बाद इन्हें यहीं टिके रहने को कह दिया गया है। बार-बार ये अधिकारी अपनी रवानगी का समय पूछते हैं और इन्हें बताया जाता है अगले आदेश तक। कुछ को तो समझ में आ गया है कि अगले आदेश का मतलब दरअसल, सरकार में स्थायित्व आने तक है।

जागरूकता के साथ कमाई भी
प्रधानमंत्री के नाम पर चल रहे नमो ऐप को शुरू से जिस तरह लोगों के बीच उतारा गया, उससे अक्सर लोगों को भ्रम रहता है कि यह सरकारी ऐप है। प्रधानमंत्री के सरकारी कार्यक्रमों की सूचना और तस्वीरें ही नहीं, विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में लोगों का फीडबैक भी इसके जरिए ली जाती है। पिछले दिनों इस पर टी-शर्ट, टोपी और कप जैसी चीजें भी बेची जा रही हैं। इन पर 'नमो दुबारा' जैैसे नारे भी हैं। पार्टी के एक पुराने समर्पित कार्यकर्ता ही इन सामान का कारोबार चला रहे हैं।

Published on:
28 Sept 2018 02:26 pm