रायपुर

CG Teachers Salary: क्रमोन्नति वेतनमान का लाभ दिलाने शिक्षकों से जमा करवाया जा रहा मोटी रकम! सामने आए 4 बड़े नाम

CG Teachers Salary: कुछ शिक्षक संगठन बैंक अकाउंट खोलकर शिक्षकों को मैसेज और ग्रुप के माध्यम से सभी को क्रमोन्नति का फायदा दिलाने के लिए रुपए जमा करावा रहे हैं।

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Mar 31, 2025
शिक्षक का वेतन रोकने पर मचा बवाल, चढ़ावे की मांग की हुई थी शिकायत(photo-patrika)

CG Teachers Salary: शिक्षिका सोना साहू के बहुचर्चित केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शिक्षकों के बीच रुपए उगाही शुरू हुई। कुछ शिक्षक संगठन बैंक अकाउंट खोलकर शिक्षकों को मैसेज और ग्रुप के माध्यम से सभी को क्रमोन्नति का फायदा दिलाने के लिए रुपए जमा करावा रहे हैं। इसके लिए शिक्षकों को बैंक अकाउंट नंबर और बारकोड भी भेजा जा रहा है। सोना साहू केस में 17 मार्च को फैसला आया और उसी दिन से यह खेल भी शुरू हुआ।

CG Teachers Salary: जमा हो गए 20 लाख रुपए

पत्रिका को एक खाते की जानकारी मिली, जिसमें लगभग 20 लाख रुपए जमा हो गए हैं। ऑनलाइन के साथ ही शिक्षक नगद पैसे भी दे रहे हैं। क्रमोन्नति वेतनमान दिलाने के नाम पर समिति बनाकर ऑनलाइन चंदा लेने का मामला अब विवादों से घिरता नजर आ रहा है। इसकी शिकायत राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) में हुई है। जिसमें चार शिक्षकों की नामजद शिकायत की गई है।

फायदा दिखाकर पैसे मांगने का खेल आज का नहीं है। शिक्षकों को समस्या बताकर पैसे तो इकट्ठा किए जाते हैं, उसके बाद पैसे का क्या हुआ और कहां गया? कुछ पता नहीं होता और मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। शिक्षकों को मैसेज में कहा जा रहा है कि एलबी संवर्ग के हक की लड़ाई में सभी का सहयोग जरूरी है। सोना साहू को सर्वोच्च न्यायालय में केस जीतने हेतु स्वच्छा से अपना सहयोग राशि दें। केस जीतने पर हमारे पूूर्व सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से होगी। जबकि केस में हुआ ये है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हाई कोर्ट ने सोना साहू को सभी परिणामी क्षतिपूर्ति का पात्र बताते हुए शिक्षा सचिव को 23 अप्रैल तक आदेश का अनुपालन करने का निर्देश दिया है।

समिति बनाकर चंदा

जानकारी के अनुसार, सोना साहू प्रकरण में चंदा और श्रेय लेने की होड़ मची है। जबकि सोना साहू को अब तक सभी लाभ नहीं मिले हैं। प्रदेशभर के वाट्सअप ग्रुपों में लिंक भरकर पैसे मांगे जा रहे हैं। शिक्षकों के कुछ संगठनों से जुड़े शिक्षक ही लोकल बॉडी विधिक संघर्ष समिति बनाकर रकम इकट्ठा कर रहे हैं, पर ये किस न्यायालय में केस लगाएंगे और जीत की क्या गारंटी होगी, यह नहीं बताया जा रहा।

23 तक देना है सोना साहू को पूरा लाभ

17 मार्च 2025 को सुप्रीम अदालत के फैसले की कॉपी उच्च न्यायालय बिलासपुर को मिलने के बाद हाईकोर्ट ने जस्टिस प्रदीप कुमार वर्मा ने 19 मार्च को इस आदेश पर अमल करने के लिए छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी को सोना साहू को सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार पात्र मानते हुए उसे शासन को 23 अप्रैल 2025 तक समस्त लाभ देने का आदेश दिया है। साथ ही कोर्ट ने लाभ नहीं देने पर शासन को गंभीर निर्णय की चेतावनी भी दी है। वहीं, 23 अप्रैल को सुनवाई हेतु आदेश भी दिया है।

सरकारी कर्मचारी नहीं जुटा सकते चंदा

नियमानुसार कोई भी सरकारी कर्मचारी सिविल (सेवा) आचरण संहिता 1965 में प्रावधान है कि शासन की मंजूरी के बिना किसी भी उद्देश्य के लिए नगदी संग्रहण के लिए अंशदान नहीं मांगेगा और न ही इससे संबध्द होगा।

शिकायत में इन चार लोगों के नाम

शिकायतकर्ता छत्तीसगढ़ प्रधान पाठक मंच एवं शिक्षक एलबी संवर्ग छग के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, गृह सचिव एवं अन्य विभागों में रुपए उगाही करने वाले शासकीय सेवकों, शिक्षक एलबी संवर्ग के शेषनाथ पांडे, बसंत कौशिक, कौशल अवस्थी, रविंद्र राठौर एवं अन्य की शिकायत की है। उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या अवैध चंदा उगाही की अनुमति राज्य सरकार से ली गई?, क्या इसकी जानकारी शासन प्रशासन को है?, क्या कोई लोक सेवक क्रमोन्नति और कोर्ट जाने के नाम पर शिक्षकों से राशि वसूली कर सकता है? -

शिक्षिका सोना साहू के आड़ में समिति बनाकर रुपए वसूलने का कार्य चल रहा है। ये सभी सरकारी कर्मचारी हैं। कुछ करने से पहले शासन से परमिशन लेना होता है, लेकिन इन्होंने नहीं ली है। अभी तक 20 लाख से ज्यादा जमा कर चुके हैं और बता नहीं रहे हैं, क्या व कैसे करेंगे। इस पर कार्रवाई होनी चाहिए।

जाकेश साहू, प्रदेश अध्यक्ष, शिक्षक एलबी संवर्ग छत्तीसगढ़ (छत्तीसगढ़ प्रधान पाठक मंच)

क्रमोन्नति किसे मिलना है, समझें…

छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के पूर्व प्रवक्ता नरेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया, क्रमोन्नति के लिए पंचायत विभाग में लगातार 10 वर्ष की सेवा जिनकी पूर्ण होगी वो ही शिक्षक क्रमोन्नति के लिए पात्र होंगे। इसमें 1998, 2005 और 2008 में भर्ती हुए शिक्षक पात्रता के दायरे में आएंगे। जिनकी बाद में नियुक्ति हुई और जिन्होंने 10 वर्ष की सेवा एक ही पद पर पूर्ण नहीं की है, उन्हें लाभ नहीं मिलेगा। इसमें सबसे बड़ा चक्कर है कि ऐसे शिक्षकों को जिनकी सेवा पंचायत विभाग में 5 वर्ष से अधिक है और जिनका संविलयन शिक्षा विभाग में हो गया है, उनकी दोनों विभाग में की गई सेवा की गणना होगी या नहीं, इस पर मतभेद है।

Updated on:
31 Mar 2025 01:31 pm
Published on:
31 Mar 2025 01:29 pm
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