छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले अंतर्गत एक फैक्ट्री में जहरीली गैस का रिसाव हुआ है। जहरीली गैस के रिसाव से 7 मजदूर चपेट में आए है। जिसमें से 3 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। तीनों को रायगढ़ से रायपुर रिफर किया गया है।
रायपुर। विशाखापट्टनम में जहरीली गैस के रिसाव की खबर के बीच छत्तीसगढ़ से भी एक बुरी खबर है। जहरीली गैस रिसाव की चपेट में 7 मजदूर आ गए। बताया जा रहा है पेपर कारखाना की सफाई करने के लिए मजदूरों को भेजा गया था। इस दौरान पेपर मिल में जहरीली गैस का रिसाव शुरू हो गया। इस घटना में 3 मजदूरों की हालत गंभीर बतायी जा रही है। हादसा रायगढ़ के तेतला गांव की है। सभी गंभीर रुप से बीमार लोगों को रायपुर रेफर किया गया है।
कोरोना लॉकडाउन के दौरान प्रदेश के सभी उद्योगों को बंद करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन सरकार ने कुछ दिन पहले ही एक नया आदेश जारी कर उद्योगों को खोलने का कुछ शर्तों के साथ परमिशन दिया है। जिसके बाद रायगढ़ के ग्राम तेतला में शक्ति पेपर मिल मालिक दीपक गुप्ता कुछ मजदूरों से साफ सफाई का काम करवा रहा था। इसी दौरान जहरीली गैस रिसाव हुआ।
घटना बुधवार दोपहर 3 बजे की बताई जा रही है। इसके बावजूद फैक्ट्री मालिक और संजीवनी नर्सिंग होम के संचालक ने इसकी जानकारी एक दिन तक पुलिस प्रशासन से छुपाई और मामले को दबाने की कोशिश की।
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि शक्ति पेपर मिल में बुधवार को साफ सफाई के दौरान 7 मजदूर घायल हो गए थे, जिन्हें संजीवनी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। जिसकी जानकारी हमें आज मिली है। घटना को छुपाने के लिए पेपर मिल के मालिक के ऊपर विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस जहरीली गैस घटना में शक्ति पेपर मिल में सुरक्षा मानकों की भी जांच की जाएगी।