DMF Fund Chhattisgarh: रायपुर में जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) निधि से सबसे ज्यादा छत्तीसगढ़ में हो रहे हैं। इसके तहत वर्ष 2016-17 से अब तक 1 लाख से अधिक कार्याें की स्वीकृति दी गई है, जो देश के अन्य राज्यों से अधिक है।
DMF Fund Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के रायपुर में जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) निधि से सबसे ज्यादा छत्तीसगढ़ में हो रहे हैं। इसके तहत वर्ष 2016-17 से अब तक 1 लाख से अधिक कार्याें की स्वीकृति दी गई है, जो देश के अन्य राज्यों से अधिक है। हालांकि इसमें से कई कार्य पूरे नहीं हो पाए हैं। 8 हजार से अधिक कार्य रद्द कर दिए गए हैं।
प्रदेश के अलग-अलग जिलों में डीएमएफ फंड के तहत अब तक कुल 1 लाख 10 हजार 661 प्रोजेक्ट की स्वीकृति दी गई है। ये कार्य शिक्षा, जल, स्वास्थ्य और जनसुविधाओं आदि से जुड़े हैं। इन कार्यों के लिए 16983.18 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
डीएमएफ फंड के तहत देश में सबसे ज्यादा कार्यों की स्वीकृति देने के अलावा सबसे ज्यादा काम रद्द भी यहीं हुए हैं। इसके तहत स्वीकृति कार्यों में से अब तक 8 हजार 911 प्रोजेक्ट रद्द कर दिए गए हैं। इसके अलावा अब तक 76 हजार 707 प्रोजेक्ट पूरा हुआ है।
छत्तीसगढ़ में जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) का गठन 22 दिसंबर 2015 को किया गया था। डीएमएफ को सभी जिलों में एक गैर-लाभकारी ट्रस्ट के रूप में स्थापित किया गया था, जिसका उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को बढ़ावा देना है। इसके अलावा इसकी राशि को जनकल्याण संबंधित कार्यों में खर्च करना है।
हालांकि खनन प्रभावित इलाकों में उतना विकास नहीं हो पाया है, जितना दावा किया जाता है। खदानों से जा रही लोगों की जान: रायपुर जिले कई इलाकों में खनन संबंधी कार्य हुए हैं। पत्थर, चूना, मुरुम आदि का खनन करने से बड़ी-बड़ी खाई बन गई है। खनिज निकालने के बाद इन खदानों को भरा नहीं गया है। बारिश के समय इन खदानों में पानी भर जाता है।