
अनुपम राजीव राजवैद्य@रायपुर. बुलेट ट्रेन और हाईस्पीड ट्रेनों को चलाने की घोषणा के बीच रेलयात्रियों के लिए एक अच्छी खबर आई है। रेल मंत्रालय देशभर की 700 ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने जा रहा है। रेलवे के मुताबिक 1 नवंबर से इन ट्रेनों में यात्रा करने पर अब कम समय लगेगा। इसके साथ ही 48 ट्रेनों को मेल एक्सप्रेस से सुपरफास्ट एक्सप्रेस में तब्दील किया जा रहा है।
रेलवे टेक्नोलॉजी के जरिये बदलाव की ओर कदम बढ़ा रहा है। रेलमंत्री पीयूष गोयल ने 28 सितंबर को ऐलान किया कि सभी स्टेशनों एवं ट्रेनों में हाईस्पीड वाई-फाई कनेक्टिविटी होगी। ट्रेनों के आवागमन की जीपीएस आधारित रियल टाइम निगरानी से जुड़े प्रोजेक्ट में तेजी लाई जाएगी। निगरानी एवं यात्री सेवाओं के लिए मोबाइल एप के विस्तृत उपयोग पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
सिक्यूरिटी, स्पीड और सर्विस
रेलवे ने यात्रियों के लिए सुरक्षा, गति एवं सेवा के उच्च मानक का लक्ष्य रखा है। इसके लिए महत्वपूर्ण परिवर्तनकारी कदम उठाए हैं। रेलमंत्री पीयूष गोयल के मुताबिक यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। नई लाइनों/आमान परिवर्तन/पटरियों के आवंटन के मुकाबले पटरी नवीकरण को प्राथमिकता देंगे। अधिकारियों द्वारा क्षेत्रीय निरीक्षण पर विशेष जोर के साथ ही रखरखाव ब्लॉकों को मंजूरी दिए जाने को उच्च प्राथमिकता में शामिल किया गया है।
ट्रेनों में भी लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
रेलवे ने निर्णय लिया है कि 5000 मानव रहित लेवल क्रॉसिंग को समयबद्ध ढंग से हटाएंगे। अगले साल से आईसीएफ कोच के बजाय एलएचबी कोचों को इस्तेमाल में लाया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने के लिए ट्रेनों के डिब्बों और स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रावधान है। इससे विशेषकर महिलाएं एवं वरिष्ठ नागरिक लाभान्वित होंगे। मैनुअल इंटरलॉकिंग के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल इंटरलॉकिंग की संख्या बढ़ाई जाएगी।
आरपीएफ कर्मी नहीं करेंगे टिकट चेकिंग
रेलवे ने कहा कि खामियों इत्यादि का पता लगाने के लिए कैमरा, अल्ट्रासोनिक फ्रीक्वेंसी डिटेक्शन जैसी टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाएगा। अब ड्यूटी के दौरान सभी आरपीएफ कर्मचारियों और टीटीई को उचित वर्दी में रहना होगा, ताकि पारदर्शिता लाई जा सके। आरपीएफ कर्मचारी टिकट चेकिंग नहीं करेंगे, क्योंकि यह टीटीई का काम है। हालांकि वे टिकट चेकिंग दल की सहायता कर सकेंगे।
75 स्टेशनों पर तैनात होंगे स्टेशन डायरेक्टर
परिचालन में गतिशीलता सुनिश्चित करने के लिए 'ए1' श्रेणी के 75 स्टेशनों पर प्रतिभाशाली और उत्साही अधिकारियों को स्टेशन डायरेक्टर के रूप में तैनात किया जाएगा। मुख्यालय से पुन: आवंटन के जरिये प्रभागीय कार्यकलाप मजबूत करने के लिए अतिरिक्त एडीआरएम की तैनाती की जाएगी।