24 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

रेत खदानों की नीलामी के बाद भी काम बंद! 8 महीने से NOC का इंतजार, अब आरंग-अभनपुर में 6 नई खदानें

रायपुर में पुरानी 6 रेत खदानों को 8 महीने बाद भी NOC नहीं मिली, जिससे उत्खनन अटका है। अब खनिज विभाग आरंग-अभनपुर में 6 नई खदानों के लिए जगह तलाश रहा है और जल्द ऑनलाइन टेंडर की तैयारी है।
2 min read
Google source verification
Raipur Sand Mines: रेत खदानों की नीलामी के बाद भी काम बंद!(photo-patrika)

Raipur Sand Mines: रेत खदानों की नीलामी के बाद भी काम बंद!(photo-patrika)

Raipur Sand Mines: छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में रेत खदानों को लेकर खनिज विभाग ने नई कवायद शुरू की है। आरंग और अभनपुर क्षेत्र में 6 नई रेत खदानों के लिए जगह तलाशने का काम चल रहा है। वहीं, नवंबर 2025 में नीलाम की गई करीब आधा दर्जन खदानें अब तक शुरू नहीं हो पाई हैं। इन खदानों के लिए पर्यावरण विभाग से NOC नहीं मिलने के कारण उत्खनन अटका हुआ है। नीलामी के करीब 8 महीने बाद भी खदानें बंद हैं। अब विभाग नई जगहों का सर्वे कर ऑनलाइन टेंडर की तैयारी कर रहा है।

Chhattisgarh Sand Mining: नीलामी के बाद भी शुरू नहीं हुईं 6 खदानें

रायपुर जिले में नवंबर 2025 में गौरघाट, कागदेही, कुरुद, पारागांव सहित 6 रेत खदानों की नीलामी की गई थी। रिवर्स ऑक्शन के जरिए ठेकेदार भी तय हो चुके थे। इसके बावजूद करीब 8 महीने बीतने के बाद भी पर्यावरण विभाग से NOC नहीं मिल पाई है। बिना पर्यावरणीय अनुमति के इन खदानों से रेत का उत्खनन शुरू नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि नीलामी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी खदानें अब तक बंद हैं।

अब आरंग-अभनपुर में 6 नई खदानों की तलाश

पुरानी खदानों की प्रक्रिया अटकी होने के बीच खनिज विभाग ने अब आरंग और अभनपुर क्षेत्र में 6 नई रेत खदानों के लिए संभावित जगहों की तलाश शुरू की है। विभाग ऐसी जगहों का चयन कर रहा है, जहां रेत उत्खनन और परिवहन से ग्रामीणों, विकास कार्यों और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे। इसके लिए पटवारी, तहसीलदार और खनिज विभाग के निरीक्षक मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।

रिपोर्ट के बाद जारी होगा ऑनलाइन टेंडर

नई खदानों के लिए जगहों का चयन होने के बाद संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद ऑनलाइन टेंडर जारी किया जाएगा। नई खदानों की नीलामी भी रिवर्स ऑक्शन के जरिए किए जाने की तैयारी है। हालांकि, फिलहाल NGT के आदेश के तहत 10 जून से 10 अक्टूबर तक रेत खदानें बंद हैं। ऐसे में नई खदानों की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद उत्खनन शुरू होने में निर्धारित अवधि का इंतजार करना होगा।

दिन-रात अवैध रेत उत्खनन की शिकायत

विभाग का कहना है कि जिले में वैध रेत खदानों की संख्या बढ़ने से अवैध रेत उत्खनन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। नदी से लगे कई घाटों पर दिन के साथ रात में भी अवैध रूप से रेत निकालने की शिकायतें सामने आती हैं। अवैध उत्खनन और परिवहन से सरकार को रॉयल्टी के रूप में मिलने वाले राजस्व का नुकसान होता है। विभाग का मानना है कि नई खदानें शुरू होने के बाद इस पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।

पुरानी खदानों की NOC पर सवाल

एक तरफ विभाग नई खदानों के लिए जगह तलाश रहा है, वहीं दूसरी ओर पहले से नीलाम खदानों को अब तक पर्यावरणीय अनुमति नहीं मिलने से सवाल भी उठ रहे हैं। नवंबर 2025 में नीलामी के बाद भी आठ महीने तक खदानें शुरू नहीं हो पाना विभागीय प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि आरंग-अभनपुर में प्रस्तावित 6 नई खदानों की प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी होती है और उन्हें आवश्यक अनुमति कब तक मिलती है।

खनिज विभाग ने क्या कहा?

खनिज विभाग रायपुर के उप संचालक राजेश मालवे ने बताया कि नई रेत खदानों के लिए जगह देखी जा रही है। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ऑनलाइन टेंडर निकाला जाएगा।