CG Weather Update: दिसंबर के बाद अब जनवरी का महीना भी कड़ाके की ठंड के साथ गुजरने के आसार हैं। मकर संक्रांति से पहले सर्द रातों से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है।
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में दिसंबर के बाद अब जनवरी का महीना भी कड़ाके की ठंड के साथ गुजरने के आसार हैं। मकर संक्रांति से पहले सर्द रातों से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर दिशा से आ रही ठंडी और शुष्क हवाओं के प्रभाव से अगले 24 घंटे के भीतर न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इसके बाद न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी का दौर शुरू हो सकता है। हालांकि 24 से 48 घंटे बाद ठंड में जो हल्की राहत मिलने की संभावना है, वह ज्यादा प्रभावी नहीं होगी और लोगों को ठिठुरन का सामना करना पड़ सकता है।
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ के एक-दो इलाकों में शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है। इससे पहले गुरुवार को सरगुजा और दुर्ग संभाग के अंतर्गत आने वाले कुछ जिलों के एक-दो पॉकेट में शीतलहर दर्ज की गई थी। फिलहाल प्रदेशभर में मौसम शुष्क बना रहेगा और बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर छत्तीसगढ़ में मौसम में हो रहे बदलाव की मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ है, जो इस समय उत्तरी पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में लगभग 3 किलोमीटर की ऊंचाई पर सक्रिय है। इसके अलावा उत्तर भारत के ऊपर करीब 12 किलोमीटर की ऊंचाई पर तेज गति से बहने वाली पश्चिमी जेट स्ट्रीम भी सक्रिय है, जिसके कारण तापमान में गिरावट और ठंड बढ़ रही है।
मौसम विभाग के अनुसार 9 जनवरी तक प्रदेश के सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, रायपुर, बलोदाबाजार, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, दुर्ग, बालोद, कबीरधाम, मोहल्ला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और बेमेतरा जिलों के एक-दो इलाकों में शीतलहर (कोल्ड वेव) चलने की संभावना जताई गई है। वहीं 10 जनवरी को दुर्ग जिले में भी शीतलहर को लेकर चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे ठंड से बचाव के उपाय अपनाएं, विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें। खुले में देर रात और सुबह जल्दी निकलने से बचने की सलाह दी गई है।