
रायपुर. छत्तीसगढ़ प्रांत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) में हुए नेतृत्व बदलाव के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने आरएसएस की तुलना नक्सलियों से की है। उन्होंने कहा, जैसे नक्सलियों के बड़े कमांडर आंध्र और तेलंगाना में रहते हैं और यहां के लोग केवल बंदूक चलाते हैं। उसी प्रकार से आप आरएसएस में भी देखेंगे कि उसके सारे लोग नागपुर के हैं। यहां के लोग केवल अफवाह फैलाने की मशीन की तरह काम करते हैं।
बस्तर प्रवास पर रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने कहा, आरएसएस के कार्यकर्ता नागपुर के बंधुआ मजदूर हो गए हैं। वे इससे उबर नहीं पा रहे हैं। बिसराराम जी स्थानीय व्यक्ति थे। छत्तीसगढ़ के माटीपुत्र थे। अब उनको भी हटा दिया गया।
अब यहां आरएसएस का कोई आदमी स्थानीय स्तर पर कुछ बड़ा नहीं बोल सकता। बता दें कि संघ के संविधान के अनुसार तीन साल में निर्वाचन होता है। पिछले नौ वर्ष से बिसराराम यादव प्रांत संघचालक थे। उनका कार्यकाल पूरा होने पर रविवार को निर्वाचन हुआ, जिसमें अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना प्रांत संघचालक चुना गया।
एटीएम को लेकर भाजपा अपना अनुभव बता रही
मुख्यमंत्री बघेल ने भाजपा के एटीएम वाले बयान पर भी पलटवार किया है। उन्होंने कहा, एटीएम को लेकर भाजपा अपना अनुभव बता रही है। भाजपा नेता जब दौरे पर जाते थे तो पूरे राज्य भर में वसूली होती थी। उस समय अधिकारी परेशान रहते थे। सबको टारगेट दिया जाता था। हर डिवीजन से पैसा वसूल कर दिया जाता था। मालूम हो कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सहित भाजपा के अन्य नेताओं ने आरोप लगाया था कि भूपेश सरकार कांग्रेस के लिए एटीएम का काम कर रही है।
मंत्रिपरिषद में बदलाव से इनकार
मुख्यमंत्री ने राज्य मंत्रिमंडल में बदलाव की संभावनाओं को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा, अभी मंत्रिमंडल में फेरबदल की कोई संभावना नहीं है। हम सभी सामूहिक जिम्मेदारी के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, इस संबंध में वे आलाकमान के आदेश पर काम करेंगे।