
रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) के पिता नंदकुमार बघेल ने जेल में पहली रात करवट बदलते हुए काटी। वह बुधवार सुबह करीब 6 बजे उठने के बाद वीआईपी सेल के पास आंगन में करीब आधे घंटे टहलने के बाद पेपर पढ़ते हुए चाय पी। उसके बाद दैनिक कार्यो से निवृत होने बाद सुबह नास्ते में रोटी सब्जी और दाल का पानी पिया। नास्ते के बाद डॉक्टरों ने उसने स्वास्थ्य की जांच की। साथ ही कहा कि वह अनावश्यक रूप से मानसिक तनाव नहीं ले। इसी तरह दोपहर और रात में भी सिर्फ दो रोटी, दाल और सब्जी का सेवन किया।
बताया जाता है कि सीएम के पिता के जेल में रहने से पूरा जेल प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश जेल मुख्यालय द्वारा दिए गए है। खासतौर पर उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखने कहा गया है। बता दें कि लखनऊ उत्तरप्रदेश में आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान आपत्तिजनक बयान देने पर डीडी नगर पुलिस द्वारा आगरा से गिरफ्तार किया गया है। साथ ही जेएमएफसी कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान जमानत नहीं लेने पर उन्हें 14 दिन के न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
चावल से परहेज
जेल के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सीएम के पिता को जेल नियमावली के अनुसार दाल-चावल, रोटी और सब्जी दिया गया था। लेकिन, उन्होंने चावल नहीं खाया। वहीं अतिरिक्त रोटी की मांग भी नहीं की गई। हालांकि प्रहरी द्वारा भोजन के संबंध में पूछताछ की गई। लेकिन, केवल पानी ही मांगा और कहा कि जरूरत पड़ने पर वह बताएगें।
इस तरह का सेल
वीवीआईपी और वीआई लोगों को जेल में रखने के लिए अलग से सेल बनाया गया गया है। प्रत्येक सेल में अटैच लेथबॉथ के साथ एक कमरा है। बाथरूम में 24 घंटे पानी की व्यवस्था और कमरे में लाइट और सिलिंग फैन लगाया गया है। वहीं कमरे में एक अलार्म स्वीच का बटन फिट किया गया है।
बघेल की रिहाई के लिए सर्व समाज ने किया प्रदर्शन
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंद कुमार बघेल की रिहाई को सर्व समाज ने बुधवार को प्रदर्शन किया। विभिन्न समाज के कार्यकर्ता कलेक्टर आफिस के सामने डॉ. भीमराव अम्बेडकर के मूर्ति के सामने नारेबाजी की। इस दौरान अर्जुन हिरवानी, पिछड़ा वर्ग कल्याण संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश साहू, सुरज निर्मलकर, विष्णु बघेल आदि मौजूद थे।