रायपुर

कलेक्टर ने तोड़ा प्रोटोकाल, कोरोना टीके की दूसरे डोज के तीन दिन बाद संक्रमित

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा कलेक्टर ने 8 फरवरी को कोविशील्ड की पहला और 8 मार्च को दूसरा डोज लगाया था। इसके तीन दिन बाद वे संक्रमित हो गए। दरअसल, इस दौरान सेनिटाइजेशन, मॉस्क, डिस्टेंसिंग आदि नियमों को सख्ती से पालन करना होता है, जो उन्होंने नहीं किया। वे टीके का पहला डोज लगवाने के बाद कई कार्यक्रमों में शरीक होते रहे।  

less than 1 minute read
Mar 12, 2021
वैक्सीन का पहला डोज लेते हुए कलेक्टर यशवंत कुमार ने खुद फोटो की थी शेयर।

रायपुर. जांजगीर-चांपा के कलेक्टर यशवंत कुमार ने वैक्सीनेशन के बाद की गाइडलाइन का पालन नहीं किया, नतीजतन वे वैक्सीन के दूसरी डोज लेने के तीन दिन बाद संक्रमित हो गए हैं। गाइडलाइन के मुताबिक वैक्सीन के 20 दिन बाद हर्ड इम्युनिटी विकसित होती है। इस दौरान सेनिटाइजेशन, मॉस्क, डिस्टेंसिंग आदि नियमों को सख्ती से पालन करना होता है। लेकिन कलेक्टर यशवंत कुमार जिलेभर को तो सिखाते रहे, मगर खुद ही इस गाइडलाइन का पालन नहीं कर सके। वे खेल प्रतियोगिता के दौरान सभी खिलाडिय़ों से परिचय के दौरान हाथ मिलाते रहे। साथ ही विभिन्न कार्यक्रमों में भी शरीक होते रहे। गुरुवार की सुबह कलेक्टर यशवंत कुमार को बुखार आने की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को मिली। तत्काल कलेक्टर का टेस्ट किया गया। टू्र नॉट टेस्ट में वे संक्रमित निकले। इसके बाद कलेक्टर ने ट्वीट कर जानकारी दी कि मेरे संपर्क में आने वाले कोरोना टेस्ट करा लें। मै कोरोना संक्रमित निकल गया हूं। नतीजतन वे फिर से कोरोना जांच के दौरान संक्रमित पाए गए हैं। बता दें कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर और नए स्ट्रेन का खतरा बढऩे को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कड़ाई बरतने के लिए कलेक्टरों को निर्देशित किया था। जांजगीर-चांपा कलेक्टर ने भी जिलेवासियों को कोरोना प्रोटोकाल का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए थे।

दूसरी डोज के 2 हफ्ते में बनती है एंटीबॉडी
इस मामले में डब्ल्यूएचओ के स्टेट टीम लीडर प्रनीत फटाले का कहना है कि दोनों डोज लग जाने के 15 दिन के बाद ही शरीर में एंटीबॉडी डेवलप होती है। इसलिए इस बीच और उसके बाद भी कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पालन किया जाना जरूरी है। वरना टीकाकरण के बाद भी संक्रमण की आशंका रहती है।

Published on:
12 Mar 2021 01:39 am
Also Read
View All