राज्य आर्थिक अपराध ब्यूरो (EOW) और एंटीकरप्शन ब्यूरो (ACB) ने निलंबित एडीजी जीपी सिंह के घर से 9 कम्प्यूटरों का हार्डडिस्क सीज किया है, इसमें ढेर सारी गोपनीय और सनसनीखेज जानकारियां सामने आ रही हैं।
रायपुर. राज्य आर्थिक अपराध ब्यूरो (EOW) और एंटीकरप्शन ब्यूरो (ACB) ने निलंबित एडीजी जीपी सिंह के घर से 9 कम्प्यूटरों का हार्डडिस्क सीज किया है, इसमें ढेर सारी गोपनीय और सनसनीखेज जानकारियां सामने आ रही हैं। साथ ही कोडवर्ड में रसूखदार अफसरों के नाम और धमकी देकर वसूल की गई रकम का उल्लेख भी किया गया है।
बताया जाता है कि निलंबित एडीजी के जिस विभाग में राज्य आर्थिक अपराध ब्यूरो (EOW) और एंटीकरप्शन ब्यूरो (ACB) ने निलंबित एडीजी जीपी सिंह के घर से 9 कम्प्यूटरों का हार्डडिस्क सीज किया है, इसमें ढेर सारी गोपनीय और सनसनीखेज जानकारियां सामने आ रही हैं। वहां से रवाना होने के पहले कम्प्यूटर से सारा डाटा निकालकर अपने साथ ले गए थे। इसे पेंशन बाडा स्थित घर में छापेमारी के दौरान ईओडब्ल्यू द्वारा बरामद किया गया है।
सूत्रों का कहना है कि प्राथमिक जांच में पीएचक्यू, खेल विभाग, ईओडब्ल्यू से लेकर फील्ड में पदस्थापना के समय की सारी जानकारी सिलसिलेवार ढंग से मिली है। इसमें बहुत से राज छिपे हुए है, जैसे किससे कितना लिया, किसे दिया, किसके काले कारनामों की जांच बंद कर उपकृत किया और दुशमनी मोल लेने पर हासिए पर डाला।
सूत्रों का कहना है कि यह सभी कम्प्यूटर के साथ ही दस्तावेज मिले हैं। इनकी विस्तृत जांच कर सभी कनेक्शन को जोड़ा जाएगा। लेकिन, कम्प्यूटर से अधिकांश को डिलीट करने के साथ ही गोपनीय लॉक लगाया गया है। इसे डिकोड करने और डिलीट किए गए डाटा को रिकवर करने के लिए विभागीय साइबर एक्सपर्ट को बुलवाया गया है। साथ ही प्रोफेसनल साइबर एक्सपर्ट को बुलवाने की तैयारी भी चल रही है।
गोपनीय ठिकानों की तलाश
ईओडब्ल्यू और एसीबी की टीम अब भी निलंबित एजीडी के कुछ गोपनीय ठिकानों की तलाश कर रही है। इसमें दुर्ग जिले के पद्नाभपुर और ओडिशा, क्योंझर , कटक एवं पंजाब के पटियाला के साथ दिल्ली स्थित जमीन, मकान, फ्लैट और विभिन्न कंपनियों के निवेश बताए जा रहे है। बताया जाता है कि इन सभी के संबंध में इनपुट जुटाने के लिए टीम को गोपनीय रूप से भेजा गया है।
सूत्रों का कहना है कि टीम के फील्ड में जाने के कारण अब तक विवेचना अधिकारियों ने मुख्य जांच अधिकारी के समक्ष रिपोर्ट जमा नहीं की है। उनके लौटने के बाद जब्त किए गए सामानों को विशेष न्यायालय में वारंट के साथ पेश किया जाएगा। इन सभी पहलुओं को देखते हुए ईओडब्ल्यू और एसीबी के अफसर किसी से बात तक नहीं कर रहे। उन्हें आशंका है कि किसी भी तरह का सार्वजनिक करने गोपनीय राज खुल सकते है।
टेंडर से लेकर खरीदी तक के दस्तावेज
निलंबित एडीजी के घर से पुराने टेंडर, वर्कआर्डर जारी करने से लेकर सामान खरीदी तक के दस्तावेज मिले है। इसे जांच के लिए जब्त किया गया है। बताया जाता है कि इन सभी में कुछ गड़बड़झाला की आशंका है क्योकि इसमें से अधिकांश दस्तावेज में जीपी सिंह के कुछ करीबी लोग बताए जाते है। यह दस्तावेज रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, बस्तर में एसपी और आईजी के पद पर रहते हुए जारी किए गए है। वहीं पीएचक्यू और पुलिस अकादमी चंदखुरी से संबंधित दस्तावेज बताए जाते है।
करीबी लोगों पर कसेगा शिकंजा
निलंबित एडीजी के काले कारनामों को पुख्ता साक्ष्य के साथ उजागर करने के लिए टीम जुटी हुई है। उनके करीबी लोगों को निशाने पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी चल रही है। साथ ही सहयोग नहीं करने पर उन्हें भी सहअभियुक्त बनाया जा सकता है। बताया जाता है कि छापेमारी के दौरान मिले इनपुट से जांच एजेंसी के अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए है। वह अब भी अघोषित चल-अचल संपत्ति, निवेश और आयरन ओर से संबंधित दस्तावेजों की तलाश में जुटी हुई है।