
CG News: राजधानी के वीआईपी चौक स्थित राम मंदिर के पास स्थापित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा तोड़े जाने पर विवाद हो गया। अज्ञात लोगों की इस करतूत पर छत्तीसगढ़ क्रांति सेना, बजरंग दल सहित अन्य संगठनों ने कड़ी नाराजगी जताई है। वहीं, कांग्रेस भी इसे लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा, भाजपा ने यदि जन आक्रोश को अनदेखा किया तो अच्छा नहीं होगा। वहीं, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, जिसने ने भी इस घटना को अंजाम दिया है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा को तोड़ने के खिलाफ तेलीबांधा पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 298 के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं, पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छत्तीसगढ क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं को सड़क से हटाकर बस में बैठाया। फिर सभी को जेल ले गए।
कुछ देर बाद उन्हें छोड़ दिया गया। पुलिस चौक में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है। कुछ संदिग्धों के फुटेज मिले हैं, लेकिन उनकी पहचान नहीं हो पाई है।
पूर्व सीएम भूपेश ने सोशल मीडिया में लिखा, छत्तीसगढ़ की स्थापना की रजत जयंती पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ दी गई। प्रतिमा को तोड़ा जाना जनता का अपमान है। हर एक छत्तीसगढ़िया बेहद ग़ुस्से में है। यह पूरी तरह अस्वीकार्य है। कहीं यह शासन-प्रशासन के कार्यक्रमों से छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीरों को हटाने वाली भाजपा सरकार की करतूत तो नहीं? भाजपा समझ ले कि अगर जनआक्रोश को अनदेखा किया, तो अच्छा नहीं होगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, मूर्ति तोड़ने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई और तत्काल नई मूर्ति ससम्मान स्थापित की जाए। उन्होंने इस घटना के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, दूसरी ओर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के अध्यक्ष अमित जोगी ने कहा, आज का दिन हमारे लिए बेहद दुखद और शर्मिंदा करने वाला है। जिस ‘‘महतारी’’ के नाम पर सरकारें सत्ता में आती हैं। उसी महतारी की प्रतिमा की सुरक्षा तक नहीं कर पा रही हैं।