तिल्दा-नेवरा नगर पालिका प्रशासन इसको लेकर कितना लापरवाह है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 10 लाख रुपए की लागत से तैयार किया गया कोविड केयर सेंटर एक साल के भीतर ही उजड़ गया।
तिल्दा-नेवरा. कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए एक तरफ प्रदेश सरकार करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। ज्यादा से ज्यादा कोविड सेंटर बनाए गऐ हैं। लोगों को बचाव के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। लेकिन तिल्दा-नेवरा नगर पालिका प्रशासन इसको लेकर कितना लापरवाह है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 10 लाख रुपए की लागत से तैयार किया गया कोविड केयर सेंटर एक साल के भीतर ही उजड़ गया। इतना ही नहीं, इस पर असामाजिक तत्वों ने कब्जा कर लिया है। यह जुआरियों और शराबियों का अड्डा बन गया है।
वर्ष 2020 में जब कोरोना संक्रमण प्रारंभ हुआ था, तब प्रदेश सरकार ने केवल शहरों में, बल्कि गांवों में कोविड केयर सेंटर बनाए थे। स्कूलों को आइसोलेशन सेंटर में तब्दील किया गया था। सरकार की अपील पर सीमेंट और इस्पात संयंत्रों ने सीएसआर मद से लाखों रुपए का सहयोग किया। जिले की मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मीरा बघेल के दिशा निर्देश पर तिल्दा-नेवरा के हाईस्कूल मैदान स्थित नगर भवन को कोविड केयर सेंटर बनाया गया। इसके लिए बैंकुंठ स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट संयंत्र ने 10 लाख रुपए का सहयोग किया। इस राशि से नगर भवन को स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन के अनुसार पूरी तरह कोविड केयर सेंटर में तब्दील कर दिया गया था। पहली और दूसरी लहर के दौरान यहां मरीजों को रखा भी गया था।
तीसरी लहर पर आई सुध
इस कोविड केयर सेंटर को लेकर नगर पालिका प्रशासन तो लापरवाह था ही, स्वास्थ्य विभाग का भी उदासीन रवैया रहा। दूसरी लहर के बाद कभी सुध लेना मुनासिब नहीं समझा। जब तीसरी लहर ने दस्तक दी और उच्चाधिकारियों का दबाव बनाए तब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इसकी सुध ली। जब सुध ली, तब तक देरी हो चुकी थी। एक आधुनिक रूप से सुसज्जित सर्वसुविधायुक्त कोविड केयर सेंटर कबाडख़ाने में तब्दील हो चुका था। इसे पहले जैसे कोविड केयर सेंटर बनाने में फिर से लाखों रुपए खर्च करने पड़ेंगे।
नगर भवन को कोविड केयर सेंटर बनाया गया था। इसकी देख-रेख की जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन को दी गई थी। जब हमारे विभाग द्वारा इस कोविड केयर सेंटर का जायजा लिया गया, तो बहुत सारा सामान गायब पाए गए। उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी गई है।
डॉ. आशीष सिन्हा, बीएमओ, तिल्दा ब्लॉक