- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की रायपुर और दुर्ग पर लगातार नजर- 21 मार्च के बाद सरकार कभी भी ले सकती है सख्त फैसले
रायपुर. प्रदेश में कोरोना संक्रमण (Coronavirus in Chhattisgarh) जिस तेजी से फैल रहा है, उससे आने वाले दिनों में सबकुछ सामान्य हो जाएगा, इसके कोई संकेत नहीं है। बल्कि इसके उलट हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। 7 मार्च की तुलना में आज की स्थिति बिल्कुल अलग हैं। प्रदेश में 5 गुना अधिक रफ्तार से मरीज मिल रहे हैं, जबकि रायपुर में 5.7 गुना की रफ्तार से वायरस अपनी जड़े दोबारा से मजबूत कर रहा है।
सूत्रों की मानें तो 21 मार्च के बाद सरकार कभी भी सख्त फैसले ले सकती है। राजधानी रायपुर और दुर्ग कोरोना की हॉट सिटी बन गए हैं। दोनों जिलों में अब रोजाना 300 से अधिक मरीज रिपोर्ट होने शुरू हो गए हैं। सर्वाधिक मौतें भी इन्हीं दोनों शहरों में हो रही हैं। इसलिए इन दोनों शहरों पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की भी नजर है।
उधर, 21 मार्च को रायपुर में चल रहे कई बड़े आयोजन जैसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेली जा रही रोड सेफ्टी क्रिकेट सीरीज और इंडोर स्टेडियम में लगा किताब मेला खत्म होगा तो चैंबर चुनाव के नतीजे भी आज घोषित हो जाएंगे। मगर, 29 मार्च को होली है। इसलिए पूरी संभावना है कि आज, कल या परसों से होली के दो, तीन दिन बाद तक सख्ती हो सकती है।
पड़ोसी राज्यों की राजधानियों से ज्यादा संक्रमण रायपुर में
पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में तेजी से मरीज बढ़ रहा है, मगर वहां रफ्तार रायपुर से कम है। भोपाल में जहां शुक्रवार को 345 मरीज रिपोर्ट हुए तो रायपुर में 382, भोपाल एक्टिव मरीज 1495 हैं और रायपुर में 2101। न सिर्फ भोपाल बल्कि भुवनेश्वर, लखनऊ, रांची, जयपुर जैसी बड़ी राजधानियों से अधिक मरीज रायपुर में मिल रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता एवं संभागीय संयुक्त संचालक डॉ. सुभाष पांडेय ने कहा, कोरोना के संक्रमण की रोकथाम के लिए सैंपलिंग, टेस्टिंग और कांटेक्ट ट्रेसिंग पर ही फोकस किया जा रहा है। अब हर किसी को वायरस के खतरे को समझना होगा।
12 दिनों में आए प्रमुख बदलाव
खतरा बढ़ा- कोरोना का खतरा कई गुना अधिक रफ्तार से बढ़ रहा है। आज रायपुर में अक्टूबर 2020 और प्रदेश में जनवरी 2021 के बराबर मरीज मिल रहे हैं।
टेस्ट बढ़ाए- लक्षण दिखने पर लोग कोरोना जांच करवाने पहुंचने लगे, तभी रोजाना 37 से 40 हजार टेस्ट हो रहे हैं।
कांटेक्ट ट्रेसिंग पर फोकस- पहले एक संक्रमित के पीछे 3-4 लोगों की कांटेक्ट ट्रेसिंग हो रही थी, अब 10 लोगों की जांच हो रही।
अस्पतालों में इलाज की पुख्ता व्यवस्था- कोविड19 हॉस्पिटल के आईसीयू फिर से खोल जा रहे, क्योंकि गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही।
ये आंकड़े ही खतरे की सारी कहानी बयां करते हैं
तारीख- कुल मरीज- एक्टिव
7 मार्च- 222- 2820
19 मार्च- 1097- 6753