Vaccination in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर जिले में घर-घर जाकर टीकाकरण किया जा रहा है, फिर भी बहुत से वंचित लोग बुखार आने की डर और रोजी-रोटी की चिंता के कारण टीका लगवाने तैयार नहीं हो रहे हैं।
Vaccination in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर जिले में घर-घर जाकर टीकाकरण किया जा रहा है, फिर भी बहुत से वंचित लोग बुखार आने की डर और रोजी-रोटी की चिंता के कारण टीका लगवाने तैयार नहीं हो रहे हैं। लोगों के मन में टीके को लेकर अभी भी कई भ्रांतियां है। यह बातें स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कराए जा रहे सर्वे में निकलकर सामने आया है। आइए जानते हैं वो पांच बड़ी वजह से लोग अभी भी कोरोना वैक्सीन का टीका लगवाने से डर रहे है।
दरअसल, रायपुर जिले में रोजाना 15 हजार फर्स्ट डोज लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। टीके की एक भी डोज नहीं लगवाने वालों की सर्वे कराकर सूची तैयार की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि टीके की एक भी डोज नहीं लगवाने वालों में अधिकांश रोजाना कमाई कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले हैं। बुखार होने पर खेती-किसानी प्रभावित होने के डर से भी ग्रामीण टीका लगवाने से बच रहे हैं।
84 दिनों के इंतजार से रूचि हो जाती है कम
रायपुर में अब तक किसी भी आयु वर्ग का 100 प्रतिशत वैक्सीनेशन नहीं हुआ है। 17 प्रतिशत हेल्थ केयर, 17 प्रतिशत फ्रंट लाइन वर्कर्स तथा 41 प्रतिशत सीनियर सीटिजन अभी भी सेकंड डोज से वंचित है। 18 से 44 वर्ग के आयुवर्ग में भी सिर्फ 23 प्रतिशत को सेकंड डोज लगा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी इस बात को मान रहे हैं कि कोविशील्ड का फर्स्ट डोज के बाद दूसरे के लिए 84 दिनों के इंतजार से टीके के प्रति रूचि कम हो जाती है।
रायपुर जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. आशीष वर्मा ने कहा, विकासखंडों में घर-घर जाकर कोरोना का टीका लगाया जा रहा है। टीके का एक भी डोज नहीं लगवाने वालों का सर्वे कराकर सूची तैयार की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में अभी भी भ्रांतिया फैली हुई है, जिसे दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता डॉ. सुभाष मिश्रा ने कहा, दूसरे डोज की समय सीमा को लेकर कुछ दिनों पहले चर्चा जरूर की गई थी लेकिन यह केंद्र सरकार की तरफ से निर्धारित किया जाता है। केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन में ऐसा कोई निर्देश आता है तो टीकाकरण में कोई दिक्कत नही आएगी। हमारे पास पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध है।
टीका नहीं लगवाने के प्रमुख कारण
1. बुखार आने की संभावना, जिससे 2-3 दिन कामकाज प्रभावित होने का डर।
2. टीके के दुष्प्रभाव को लेकर दूसरों की बातों पर ग्रामीण ज्यादा जता रहे ज्यादा विश्वास।
3. बिना टीका लगवाए अब तक कोरोना से बचे हैं, फिर क्यों लगवाने की बात मन में।
4. पहला डोज लगवाने के बाद कोरोना से पूर्णरूप से सुरक्षित होने का विश्वास।
5. फर्स्ट डोज के बाद दूसरे डोज के लिए ज्यादा गैप इसलिए भी नहीं दिखा रहे रूचि।
रायपुर जिले में 16 जनवरी से 11 सितंबर तक हुआ टीकाकरण
वर्ग लक्ष्य फर्स्ट डोज (प्रतिशत) सेकंड डोज (प्रतिशत)
हेल्थ केयर वर्कर्स 48061 41462 (86) 34398 (83)
फ्रंट लाइन वर्कर्स 41771 39828 (95) 32530 (83)
18 से 44 वर्ष 1153131 849441 (74) 198111 (23)
सीनियर सीटिजन 509593 472421 (93) 280625 (59)