
Crypto Trading Fraud: रायपुर में क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आजाद चौक थाना क्षेत्र में एक कॉमर्स शिक्षक ने अपने ही पूर्व छात्र और उसके परिजनों पर 1 करोड़ 54 लाख 90 हजार रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने शिक्षक को क्रिप्टोकरेंसी और USDT ट्रेडिंग में निवेश करने पर हर महीने 8 से 10 प्रतिशत तक तय मुनाफा देने का भरोसा दिलाया था। शुरुआत में कुछ समय तक मुनाफा देकर आरोपियों ने शिक्षक का विश्वास जीत लिया। इसके बाद अलग-अलग खातों में बड़ी रकम जमा कराई गई।
शिकायतकर्ता पुष्कर जैन ने पुलिस को बताया कि वह कॉमर्स के शिक्षक हैं। वर्ष 2020-21 के दौरान एक कोचिंग में उनकी पहचान नेहल अग्रवाल नाम के छात्र से हुई थी। पढ़ाई के दौरान बने परिचय के बाद नेहल अग्रवाल ने उन्हें अपने परिवार और परिचितों से मिलवाया। शिक्षक के मुताबिक नेहल ने ललित अग्रवाल उर्फ लक्की, विवेक अग्रवाल और परिवार के कुछ अन्य लोगों से उनका परिचय कराया।
आरोपियों ने उन्हें बताया कि वे क्रिप्टोकरेंसी और USDT ट्रेडिंग का काम करते हैं और इस कारोबार से अच्छी खासी कमाई होती है। आरोपियों ने दावा किया कि क्रिप्टो ट्रेडिंग से हर महीने करीब 25 से 30 प्रतिशत तक मुनाफा कमाया जा सकता है। इसके साथ ही पुष्कर जैन को उनके निवेश पर 8 से 10 प्रतिशत तक तय मुनाफा देने का भरोसा दिलाया गया।
शिकायत के अनुसार, आरोपियों की बातों पर भरोसा करने के बाद पुष्कर जैन ने 22 अगस्त 2024 से अलग-अलग तारीखों में उनके बताए बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करना शुरू किया। शिक्षक ने अपनी जमा पूंजी के अलावा बैंक और दूसरे स्रोतों से कर्ज लेकर भी रकम निवेश की। शुरुआत में आरोपियों की ओर से कुछ मुनाफा दिया गया। इससे शिक्षक का भरोसा और मजबूत हो गया और उन्होंने धीरे-धीरे और ज्यादा रकम निवेश करनी शुरू कर दी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपियों ने उनसे कुल 1 करोड़ 54 लाख 90 हजार रुपये की रकम ले ली।
कुछ समय बाद जब पुष्कर जैन ने अपनी मूल रकम वापस मांगी तो आरोपियों का रवैया बदलने लगा। शिकायत के मुताबिक रकम लौटाने के बजाय अलग-अलग कारण बताए जाने लगे। कभी आरोपियों ने कहा कि मुंबई से पैसा आने वाला है, तो कभी ट्रेडिंग आईडी ब्लॉक होने की बात कही गई। इसके अलावा रकम ट्रेडिंग में फंसने का भी हवाला दिया गया। शिक्षक का आरोप है कि हर बार उन्हें जल्द ही पैसा वापस मिलने का भरोसा दिया जाता रहा। इस दौरान दोबारा निवेश करने के नाम पर भी उनसे रकम ली गई।
जब लंबे समय तक रकम वापस नहीं मिली तो जनवरी 2025 में पुष्कर जैन आरोपियों के मोवा स्थित घर पहुंचे। उन्होंने वहां अपनी रकम वापस करने की मांग की। शिकायत के मुताबिक, उस दौरान सीमा देवी अग्रवाल, संजय अग्रवाल, ललित अग्रवाल और विवेक अग्रवाल ने शिक्षक को भरोसा दिलाया कि उनकी पूरी रकम करीब दो महीने के भीतर वापस कर दी जाएगी। शिक्षक ने आरोप लगाया कि इस भरोसे के बाद भी उन्हें रकम वापस नहीं मिली और आरोपी लगातार अलग-अलग कारण बताते रहे।
शिकायत में बताया गया है कि 5 फरवरी 2026 के बाद आरोपियों के मोबाइल फोन बंद हो गए। इसके साथ ही आरोपी अपना मकान छोड़कर भी फरार हो गए। काफी कोशिशों के बाद भी जब शिक्षक का आरोपियों से संपर्क नहीं हुआ और रकम वापस नहीं मिली तो उन्होंने पुलिस से शिकायत की। इस मामले में नेहल अग्रवाल, ललित अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, सीमा अग्रवाल और नमित अग्रवाल के खिलाफ शिकायत की गई है।
मामला रायपुर के आजाद चौक थाना क्षेत्र का है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की भूमिका, बैंक खातों और रकम के लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि शिक्षक से ली गई रकम किन-किन खातों में ट्रांसफर हुई और उसका इस्तेमाल कहां किया गया। पुलिस आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की भी जांच कर रही है।
इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि जिस व्यक्ति पर शिक्षक ने भरोसा किया, वह उनका पुराना छात्र था। पहले मुनाफा देकर विश्वास कायम किया गया और इसके बाद बड़ी रकम निवेश कराने का आरोप है। अब पुलिस की जांच से ही स्पष्ट होगा कि क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर वास्तव में किस तरह रकम का लेन-देन हुआ और इस पूरे मामले में आरोपियों की भूमिका क्या रही।