
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ( photo - Patrika )
Chhattisgarh CM Vishnudeo Sai: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय 'वर्ल्ड लीडर्स फोरम' कार्यक्रम में शामिल हुए। इस वैश्विक मंच से मुख्यमंत्री ने आर्थिक जगत की प्रमुख हस्तियों के सामने छत्तीसगढ़ की तेजी से बदलती आर्थिक तस्वीर, निवेश की अपार संभावनाओं और भविष्य के विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने वैश्विक निवेशकों को राज्य में निवेश का खुला आमंत्रण दिया।
सीएम ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी पारंपरिक औद्योगिक और खनिज आधारित पहचान से आगे बढ़कर अब युवा शक्ति, नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), स्टार्टअप, ग्रीन एनर्जी और आधुनिक विनिर्माण पर आधारित नई अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। राज्य की इस नई अर्थव्यवस्था के केंद्र में युवा हैं। सरकार चाहती है कि प्रदेश के युवा केवल नौकरी की तलाश करने वाले ‘जॉब सीकर’ न बनकर, अपने नवाचार और उद्यमिता के बल पर दूसरों के लिए रोजगार पैदा करने वाले ‘जॉब क्रिएटर’ बनें। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव पी. दयानंद व राहुल भगत, विशेष सचिव एवं जनसम्पर्क आयुक्त रजत बंसल तथा आवासीय आयुक्त श्रुति सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश की आर्थिक प्रगति के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का आकार लगभग 6.31 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है, जिसमें 11.57 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की गई है। इसके साथ ही राज्य में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1,79,244 रुपए हो गई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए 1.72 लाख करोड़ रुपए के बजट में बुनियादी ढांचे के निर्माण, पूंजीगत व्यय और सामाजिक कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में वर्ष 2030 तक 5 हजार नए स्टार्टअप स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया है। नए उद्यमियों को अपने इनोवेटिव आइडियाज को बिजनेस में बदलने के लिए 10 लाख रुपए तक की सीड फंड सहायता दी जा रही है। इसके अलावा, प्रदेश के 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख शासकीय कर्मचारियों को एआई (आई) प्रशिक्षण देने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलता हुआ बस्तर छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय है। सुरक्षा स्थिति में तेजी से हुए सुधार के बाद अब बस्तर में विकास, निवेश, रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। बस्तर सहित पूरे प्रदेश के करीब 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से 4,824 करोड़ रुपए की आजीविका उन्नयन योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
Updated on:
22 Aug 2026 10:01 am
Published on:
22 Aug 2026 10:01 am
