Gas Cylinder Crisis: सिलेंडर नहीं मिलने को लेकर टेलीफोनिक शिकायतें आ रही हैं। इसे देखते हुए पत्रिका ने शहर के अलग-अलग गैस एजेंसियों में जाकर पड़ताल की तो, पता चला कि कई उपभोक्ताओं का बुकिंग ही नहीं हो रहा है।
Gas Cylinder Crisis: @हिमांशु शर्मा। गैस सिलेंडर का संकट खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। एक तरफ जहां इतने दिनों से उपभोक्ता समय पर सिलेंडर पाने के लिए जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ गैस एजेंसियां उपभोक्ताओं को 25 और 45 दिन में बुकिंग करने के बाद सिलेंडर देने की झूठी बातें कह रही हैं। इधर खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में पर्याप्त स्टॉक है।
अधिकारियों के पास लगातार सिलेंडर नहीं मिलने को लेकर टेलीफोनिक शिकायतें आ रही हैं। इसे देखते हुए पत्रिका ने शहर के अलग-अलग गैस एजेंसियों में जाकर पड़ताल की तो, पता चला कि कई उपभोक्ताओं का बुकिंग ही नहीं हो रहा है। जिनकी बुकिंग हो चुकी है, उनको भी समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है।
केस-1, दोपहर 1 बजे करीब पत्रिका टीम महावीर नगर स्थित एचपी के शांति गैस एजेंसी पहुंची। यहां कुछ उपभोक्ता केवाइसी कराने पहुंचे थे, तो कुछ गैस नहीं आने पर पता करने। इसमें से एक उपभोक्ता लक्ष्मण ने बताया कि उसने 25 दिन बाद सिलेंडर बुकिंग के लिए कोशिश की, पर बुक नहीं हो रहा था। इसके दो दिन बाद उनके सिलेंडर की बुकिंग 8 अप्रैल को हुई। उसके एक हफ्ते गुजर गया है। अब तक उनके यहां गैस नहीं पहुंचा है। वे आए दिन एजेंसी के चक्कर काट रहे हैं , फोन पर भी कॉन्टेक्ट कर रहे हैं। लेकिन सिलेंडर नहीं मिल पा रहा।
केस-2, पत्रिका की टीम दोपहर 2.30 बजे जीई रोड स्थित इंडेन के किचन क्वीन गैस एजेंसी पहुंची। यहां भी सिलेंडर के कई लोग खड़े हुए थे। समीर ने बताया कि वे कई दिनों तक सिलेंडर बुक करने की कोशिश कर रहे थे, दो से तीन दिन बाद सुबह, शाम और रात कोशिश करने के बाद सिलेडंर की बुकिंग हुई। लेकिन 4 दिन से अधिक का समय हो गया है, अब तक सिलेंडर नहीं मिल पाया है।
सिलेंडर सही समय पर उपभोक्ताओं को नहीं मिलने के कारण इसकी वेटिंग बढ़ती जा रही है। शहर में 25 दिन और ग्रामीण में 45 दिन के बाद बुकिंग होने का नियम रखा गया है। इसमें में भी 10-15 दिन अधिक होने के बादवजूद सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में 40 हजार से अधिक बुकिंग लंबित पड़ी है। इसका सबसे बड़ा कारण उपभोक्ता को समय पर सिलेंडर नहीं मिलना है। जबकि हर दिन की डिलीवरी 20 प्रतिशत से भी कम है।
राजधानी में सोमवार का उपभोक्ताओं के हंगामे के बाद फाफाडीह में रायपुर गैंस कंपनी को बंद कर दिया गया है। पुरानी एजेंसी को बंद करने के बाद दो नई एजेंसी की उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए खोलने के निर्देश प्रशासन ने दिए थे। मंगलवार को एक ही एजेंसी सक्रिय दिखाई दी। दूसरी एजेंसी का काउंटर नजर नही आया।
फिलहाल राजेन्द्र एचपी गैंस के काउंटर पर ग्राहकों की भीड़ लगी थी। लोग अपने सिलेंडर और कार्ड लेकर काउंटर में पहुंचे थे। काउंटर पर नागरिकों की गैंस बुंकिग के लिए पर्ची काटी जा रही थी। कई लोग पुरानी एजेंसी की ओर चक्कर काट रहे थे। वहां सन्नाटा पसरा हुआ था। अभी भी उपभोक्ताओं को सही जानकारी नही मिलने से यह हालत बने हुए है।
गैंस सिलेंडर के लिए उपभोक्तओं की सुविधा के लिए दो एजेंसी खुलना था। परन्तु शांति एचपी गैंस का काउंटर बंद है। राजेन्द्र एपी गैंस में ग्राहकों की ज्यादा भीड़ थी, काउंटर पर लोग पर्ची कटवाने के लिए जुझ रहे थे ग्राहकों के लिए कोई सूचना नही लगी है। इससे ग्राहकों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग सिलेंडर के इंतजार में बैठे नजर आ रहे थे।
खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा ने कहा 25 दिन बाद शहर में और 45 दिन बाद ग्रामीण एरिया में सिलेंडर बुकिंग का नियम है। यदि इसके बावजूद बुक नहीं हो रहा है तो जानकारी मंगवाता हूं। जिले में पर्याप्त मात्रा में सिलेंडर का स्टॉक है, एजेंसी समय पर क्यों नहीं दे रही, इसकी जांच होगी।