CG Politics: 16,000 नक्सल प्रभावितों के पुनर्वास को लेकर कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ हमने हर तैयारी के साथ अभियान शुरू किया था। जब नक्सली सरेंडर करेंगे तो उनको अच्छा पुनर्वास मिले।
CG Politics: बस्तर से सुरक्षाबल की वापसी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सवाल पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव का पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल कभी नहीं चाहते थे कि छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद खत्म हो। इन्हें प्रदेश के विकास और खुशहाली से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि जब समय आएगा तो सुरक्षा जवान भी लौटाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भूपेश ने अपनी सरकार में पुलिस और जवानों के हाथ बांध दिए थे। जब इनकी सरकार बनी तो नक्सलियों ने खुशी मनाई थी। आज भी इनकी मंशा बार-बार स्पष्ट हो रही है।
वहीं 16,000 नक्सल प्रभावितों के पुनर्वास को लेकर कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ हमने हर तैयारी के साथ अभियान शुरू किया था। जब नक्सली सरेंडर करेंगे तो उनको अच्छा पुनर्वास मिले। दूसरी ओर, आम लोगों को सरकारी सुविधाएं पहुंचाई जाए। इस तैयारी का बड़ा प्रतिफल हमें मिला है। इतने कम समय में नक्सलवाद समाप्त हुआ है।
पश्चिम बंगाल में न्यायिक अधिकारी को बंधक बनाए जाने और उस पर आई सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी पर डिप्टी सीएम साव ने कहा कि हम बार-बार कहते रहे कि पश्चिम बंगाल में कानून का राज नहीं है। पश्चिम बंगाल संविधान से नहीं चल रहा है। ममता बनर्जी की तानाशाही चल रही है। आज पश्चिम बंगाल की जनता उनसे परेशान है। निश्चित रूप से आने वाले चुनाव में जनता ऐसी सरकार को उखाड़कर फेंकेगी।
वैट में छूट खत्म होने से पेट्रोल के दाम बढ़ने पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आम जनता मजबूती से सरकार के साथ खड़ी है। हम मिलजुल कर ही इस चुनौती का सामना करेंगे। वैश्विक स्थिति ठीक होने से स्थिति में सुधार होगा। वहीं पूर्व विधायक और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े मनीष कुंजाम के बड़ी डील होने पर नक्सली कमांडर ने समर्पण करने के आरोप पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कुंजाम का आरोप बेबुनियाद और निराधार है। नक्सलियों में स्वेच्छा से सरेंडर किया है। हमारी सरेंडर पॉलिसी से प्रभावित होकर सरेंडर किया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भूपेश बघेल ने जो कहा है बिलकुल असत्य कहा है, अपनी कमजोरी को छिपाने के लिए उन्होंने ऐसा कहा है। जबकि दिसंबर 2023 में छत्तीसगढ़ में सरकार आने के बाद अगले ही महीने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ आए और यहां पर जितने भी नक्सल प्रभावी प्रदेश थे उनकी समीक्षा हुई। उसमें ये पता चला की 75% से ज्यादा नक्सलवाद छत्तीसगढ़ में है। अगर भूपेश बघेल और उनकी सरकार ने सही नीयत से नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी होती तो ऐसा नहीं होता।