Diwali 2023: धन-धान्य की देवी महालक्ष्मी पूजन पर दो शुभ संयोग कई वषोZं बाद बन रहे हैं। अथाZत आयुष्मान और सौभाग्य योग में रविवार को दिवाली का त्योहार धूमधाम से मनेगा।
रायपुर। Diwali 2023: धन-धान्य की देवी महालक्ष्मी पूजन पर दो शुभ संयोग कई वषोZं बाद बन रहे हैं। अथाZत आयुष्मान और सौभाग्य योग में रविवार को दिवाली का त्योहार धूमधाम से मनेगा। इसके लिए लोगों ने जमकर तैयारियां की हैं। शनिवार को रूपचौदस होने से माताएं और बहनों ने महालक्ष्मी पूजन की तैयारियों में जुटी रहीं। घर-परिवार में सुख-शांति के निमित्त शाम के समय मय के नाम से घरों के दक्षिण दिशा में पांच दीप जलाकर प्रार्थना की। दिवाली पर्व पर दीपमालाओं से कोना-कोना दमकेगा। खूब पटाखे फूटेंगे।
दिवाली पर्व पर घर-आंगन रंगीन रोशनी से जगमगा रहे हैं। पंडितों के अनुसार कार्तिक मास में प्रदोषव्यापिनी अमावस्या पर दीवाली का त्योहार मनाया जाता है। ऐसा संयोग रविवार को बन रहा है। महालक्ष्मी के आगमन की खुशी में घर-द्वार चमक रहे हैं। द्वार-द्वार रंगोली धनतेरस के दिन से ही सजाई जा रही है। दिवाली के दिन धन-संपत्ति की अधिष्ठात्रि देवी महालक्ष्मी का पूजन करने का विधान है। अमावस्या को अर्धरात्रि के समय श्री लक्ष्मी का आगमन गृहस्थों के घरों में होता है, ऐसी मान्यता है। यह प्रदोषव्यापिनी अमावस्या शुभ, लाभ, अमृत योग व प्रदोषकाल से आधी रात्रि तक श्रेष्ठ है।
केला पेड़ के जगह-जगह लगे ढेर
महालक्ष्मी पूजन के विशेष दिन को देखते हुए आसपास के क्षेत्रों से शहर के अनेक स्थानों पर केला पेड़ की खेप पहुंंची है। मान्यता है कि इसमें भगवान विष्णु का वास होता है। इसलिए आमपत्र के तोरण से द्वार सजाते हैं, दोनों तरफ मां लक्ष्मी के स्वागत में केला पेड़ का अभिनंदन द्वार तैयार करते हैं। इसे देखते हुए 150 रुपए जोड़ी से लेकर 720 रुपए जोड़ी तक केला पेड़ का भाव चढ़ा है।
लक्ष्मीपूजा विधी - ऐसे प्रसन्न करें
आसन : पूजन चौकी सजाकर माता लक्ष्मी को विराजें। उस पर कलश, सुपरी, गौर-गणेश, अक्षत रखकर आह्वान करें। हे महालक्ष्मी, पापहारक और पुण्यप्रद इस अर्घ्य को स्वीकार कीजिए।
आवाहन : हे महालक्ष्मी, श्रीविष्णु के चरणकमलों से आप हमारे यहां पधारिए और अपनी इस पूजा को स्वीकार कीजिए। अतः, मुझ पर कृपा करने हेतु आप इस कमल में निवास कीजिए।
आचमन : हे जगदंबिके, आपको कपूर, अगर आदि से मिश्रित ठंडा और उत्तम जल आचमन के लिए अर्पित करता हूं, इसे स्वीकार कीजिए। हे महालक्ष्मी, आपको कपूर, अगर आदि से सुवासित तथा सर्व तीर्थों से लाया हुआ जल स्नान के लिए अर्पित करता हूं, इसे स्वीकार कीजिए।
पंचामृत : हे देवी, हमने दूध, दही, घी, मधु और शर्करायुक्त पंचामृत अर्पित किया है, स्वीकार कीजिए। श्रीसूक्त और पुराणोक्त देवी सूक्त का पठन कर अभिषेक करें। हे विष्णुप्रिया, मोतियों से युक्त सुखद और मूल्यवान चोली आपको अर्पित है, स्वीकार कीजिए।
आरती : हे देवी, चंद्र, सूर्य, पृथ्वी, बिजली और अग्नि में विद्यमान तेज आप ही का है। मन में स्मरण कर आरती गाएं। कर्पूरसमान गौरकांति से युक्त, करुणा के अवतार हैं, त्रैलोक्य के सार हैं। जो सदैव हमारे हृदयकमल में वास करते हैं। ऐसे पार्वती सहित भगवान शंकर को मैं नमस्कार करता हूं।
प्रदक्षिणा : इस प्रदक्षिणा के प्रत्येक पग पर, इस जन्म में तथा पिछले सभी जन्मों में हुए पाप आपकी कृपा से नष्ट हों। आप ही हमारा आश्रय और रक्षक हैं, अन्य नहीं। इसलिए हे मां, करुणभाव से आप हमारी रक्षा कीजिए।