
रायपुर। होम आइसोलेशन में जरूरत पडऩे पर मरीज को डेडीकेटेड हॉस्पिटल में भेजने के लिए एक सिस्टम बनाया गया है। इसलिए किसी भी प्रकार का पैनिक ना करें, दस जगह पता ना करें, बहुत जगह फोन करने की जरूरत नहीं है। अपने चिकित्सक को बताए और कंट्रोल रूम फ़ोन करें। एक निश्चित अंतराल में मरीज को चिकित्सालय शिफ्ट किया जाएगा।
यह जानकारी होम आइसोलेशन कंट्रोल रूम की सहायक नोडल डॉ अंजली शर्मा ने होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को दी। इस के दौरान ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर अपने पास रखना अनिवार्य है। होम आइसोलेशन के ये दो महत्वपूर्ण घटक है। इसके अलावा अपने डॉक्टर की सलाह मानें और अगर आपके पैरामीटर्स में कोई दिक्कत है, आप अपने चिकित्सक को सूचित करें।
होम आइसोलेशन कंट्रोल रूम के पास 24 घंटे सातों दिन एंबुलेंस की व्यवस्था रहती है। उन्होंने कहा कि जब तक आपके ऑक्सीजन और टेंपरेचर मेंटेन है, तब तक चिंता की बात नहीं है। आप अपने घर में रहे और नियम से होम आइसोलेशन का चयन करें। होम आइसोलेशन से आप अपने आपको स्वस्थ कर सकते हैं और एक जरूरतमंद मरीज के लिए आप बेड बचा सकते हैं।
जरूरी नहीं है कि सभी व्यक्ति हॉस्पिटल जाकर ही ठीक होंगे। हमारे यहां पर 90 प्रतिशत लोग हैं जो होम आइसोलेशन से ठीक हुए है। इसके लिए आपको अपने चिकित्सक के संपर्क में रहना है। डॉक्टर को अपना ऑक्सीजन लेवल और टेंपरेचर बताते रहना है।