रायपुर

CGMSC घोटाले में ED की गिरफ्त में ‘मनी ट्रेल’, शशांक चौपड़ा से 22 जनवरी तक सख्त पूछताछ, अब खुलेंगे कई पोल राज़

CGMSC Corruption Case: इस बहुचर्चित मामले में जेल में बंद शशांक चौपड़ा को ईडी ने 22 जनवरी तक कस्टोडियल रिमांड पर लिया है।

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Jan 15, 2026
CGMSC घोटाले में ED की गिरफ्त में ‘मनी ट्रेल’, शशांक चौपड़ा से 22 जनवरी तक सख्त पूछताछ, अब खुलेंगे कई पोल राज़(Photo-AI)

CGMSC Corruption Case: छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (CGMSC) घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई तेज हो गई है। इस बहुचर्चित मामले में जेल में बंद शशांक चौपड़ा को ईडी ने 22 जनवरी तक कस्टोडियल रिमांड पर लिया है। ईडी शशांक चौपड़ा से मनी ट्रेल और घोटाले से जुड़े वित्तीय लेनदेन को लेकर गहन पूछताछ करेगी।

CGMSC Corruption Case: मास्टरमाइंड बताकर ED कर रही पूछताछ

ईडी अधिकारियों के अनुसार शशांक चौपड़ा इस घोटाले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। वह मोक्षित कॉर्पोरेशन का संचालक है और CGMSC से जुड़े कई अहम टेंडरों व सप्लाई से सीधे तौर पर जुड़ा रहा है। जांच एजेंसी को आशंका है कि बड़े पैमाने पर सरकारी धन की हेराफेरी की गई है।

मनी ट्रेल पर फोकस

ईडी की पूछताछ का मुख्य फोकस मनी ट्रेल पर रहेगा। सूत्रों के मुताबिक शशांक चौपड़ा से टेंडर प्रक्रिया, कमीशनखोरी, फर्जी सप्लाई, ओवररेटिंग और काले धन के नेटवर्क को लेकर सवाल किए जाएंगे। एजेंसी यह जानने की कोशिश करेगी कि घोटाले की रकम किन-किन माध्यमों से कहां-कहां भेजी गई।

इस मामले में बुधवार को ईडी के अधिकारी और वकील विशेष कोर्ट पहुंचे, जहां शशांक चौपड़ा को पेश कर कस्टोडियल रिमांड की मांग की गई। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद ईडी को उससे सीधे पूछताछ का अवसर मिला है।

अन्य आरोपियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

सूत्रों का कहना है कि शशांक चौपड़ा से पूछताछ के दौरान कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। इससे घोटाले में शामिल अन्य अफसरों, सप्लायर्स और बिचौलियों की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। ईडी को उम्मीद है कि इस रिमांड के दौरान पूरे घोटाले की परतें खुलेंगी। ईडी की सख्ती से साफ है कि CGMSC घोटाले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां या समन जारी होने की भी संभावना जताई जा रही है।

Published on:
15 Jan 2026 03:17 pm
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