
Tiger Shroff Firing Case: मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़ी गोलीबारी की घटना के बाद रायपुर पुलिस सतर्क हो गई है। रायपुर के पूर्व महापौर एजाज ढेबर को कथित तौर पर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और अमन गैंग के नाम पर धमकी मिली है। शिकायत के मुताबिक, उनसे 50 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है। पूर्व महापौर ने धमकी से जुड़े मोबाइल नंबर की जानकारी और स्क्रीनशॉट पुलिस को सौंपे हैं। फिलहाल पुलिस आरोपी की पहचान करने में जुटी है।
जानकारी के मुताबिक, पूर्व महापौर एजाज ढेबर को व्हाट्सऐप मैसेज और कॉल के जरिए धमकी मिली थी। उन्होंने संबंधित मोबाइल नंबर की जानकारी और स्क्रीनशॉट पुलिस को उपलब्ध कराए हैं। हालांकि, अब तक आरोपी की पहचान नहीं हो सकी है।
पुलिस संदिग्ध मोबाइल नंबर के आधार पर मामले की जांच कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि धमकी देने वाले का वास्तव में किसी आपराधिक गिरोह से संबंध है या उसने केवल गैंगस्टर के नाम का इस्तेमाल किया है।
मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े गोलीबारी के मामले के बाद रायपुर में भी इस तरह की धमकियों को लेकर सतर्कता बढ़ने की बात सामने आई है। एजाज ढेबर को मिली कथित धमकी के मामले में पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इसके पीछे कौन है और उसका किसी आपराधिक गिरोह से कोई संबंध है या नहीं।
छत्तीसगढ़ में इससे पहले भी कारोबारियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर गोलीबारी की घटनाएं सामने आई हैं। जुलाई 2024 में रायपुर के तेलीबांधा इलाके में पीआरए ग्रुप के कॉर्पोरेट ऑफिस के बाहर बाइक सवार नकाबपोश हमलावरों ने फायरिंग की थी।
इस घटना में झारखंड के गैंगस्टर अमन साव का नाम सामने आया था। रिपोर्ट के मुताबिक, शंकर नगर और कोरबा में कोयला कारोबारियों से जुड़े ठिकानों पर हुई फायरिंग की घटनाओं में भी उसका नाम सामने आया था। इन घटनाओं के संदर्भ में आपराधिक गिरोहों के संभावित नेटवर्क की चर्चा होती रही है।
आपराधिक गिरोहों पर अलग-अलग शहरों में हमले कराने के लिए शूटरों का इस्तेमाल करने के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे मामलों में पुलिस मोबाइल नंबर, कॉल रिकॉर्ड और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास करती है।
लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े मामलों में हत्या और जबरन वसूली जैसे गंभीर आरोप भी सामने आए हैं। हालांकि, एजाज ढेबर को मिली धमकी के मामले में किसी गिरोह की संलिप्तता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
कोतवाली के एसीपी दीपक मिश्रा के मुताबिक, संदिग्ध मोबाइल नंबर का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। फिलहाल आरोपी के बारे में कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।