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Raipur Crime: लाइक-फॉलोअर्स के लिए हथियारों का प्रदर्शन, रायपुर में रीलबाज बदमाशों पर पुलिस की नजर

Social Media Reels: रायपुर में सोशल मीडिया पर लाइक और फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए कुछ युवा हथियारों के साथ रील बना रहे हैं। चाकू, कट्टा और पिस्टलनुमा वस्तुओं के प्रदर्शन वाले वायरल वीडियो पर पुलिस की नजर है।
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Raipur Crime

Raipur Crime: लाइक-फॉलोअर्स के लिए हथियारों का प्रदर्शन(photo-patrika group)

Raipur Crime: छत्तीसगढ़ के रायपुर में सोशल मीडिया पर लाइक, व्यूज और फॉलोअर्स बढ़ाने की होड़ में कुछ युवाओं का शौक अब कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बनता जा रहा है। इंस्टाग्राम, फेसबुक और दूसरे प्लेटफॉर्म पर चाकू, कट्टा और पिस्टलनुमा वस्तुओं के साथ वीडियो बनाकर खुद को डॉन और गैंगस्टर दिखाने का चलन सामने आ रहा है। ऐसे वीडियो में हथियार लहराने, गाली-गलौज करने, मारपीट दिखाने और धमकी भरे अंदाज में रील बनाने जैसी गतिविधियां नजर आती हैं।

पहले इस तरह के वीडियो बनाने वालों में आदतन बदमाशों के नाम सामने आते थे, लेकिन अब सामान्य युवा और नाबालिग भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाए जा रहे हैं। पुलिस ऐसे वीडियो और सार्वजनिक सोशल मीडिया प्रोफाइल पर नजर रख रही है। पुलिस के अनुसार, पिछले साल इस तरह के मामलों में 96 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी, जबकि इस साल अब तक 20 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं।

Raipur Crime News: लाइक और फॉलोअर्स के लिए दिखा रहे हथियार

सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होने की चाह में कुछ युवा ऐसे वीडियो बना रहे हैं, जिनमें वे हथियार लहराते या खुद को गैंगस्टर के रूप में पेश करते दिखाई देते हैं। कई वीडियो में धमकी भरा अंदाज, गाली-गलौज और मारपीट का प्रदर्शन भी किया जाता है। इस तरह की रील के जरिए दूसरों पर रौब जमाने या अपनी छवि दबंग के रूप में पेश करने की कोशिश की जाती है। लेकिन कुछ सेकंड की लोकप्रियता के लिए बनाया गया वीडियो संबंधित व्यक्ति को कानूनी परेशानी में डाल सकता है।

कुछ सेकंड की रील, लंबे समय तक परेशानी

हथियारों के साथ वीडियो बनाना और उसे सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करना गंभीर मामला बन सकता है। यदि वीडियो में असली हथियार, अवैध कब्जा, धमकी या किसी अन्य अपराध के साक्ष्य मिलते हैं, तो पुलिस संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकती है। खासकर नाबालिगों के ऐसे वीडियो सामने आने से चिंता बढ़ रही है। सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होने की होड़ में कानून की अनदेखी करना युवाओं के भविष्य पर भी असर डाल सकता है।

सोशल मीडिया निगरानी सेल की संदिग्धों पर नजर

ऐसे मामलों को देखते हुए रायपुर पुलिस की सोशल मीडिया निगरानी सेल ने निगरानी तेज की है। वायरल वीडियो, सार्वजनिक सोशल मीडिया प्रोफाइल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की जा सकती है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर हथियार दिखाने या आपत्तिजनक गतिविधियों से जुड़े वीडियो पर नजर रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में पहले भी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

खमतराई से डीडी नगर तक सामने आए मामले

रायपुर के खमतराई, तेलीबांधा, पुरानी बस्ती और डीडी नगर समेत कई इलाकों में हथियारों के प्रदर्शन से जुड़े वीडियो के मामले सामने आ चुके हैं। रामकुंड में धारदार हथियार लहराने का वीडियो वायरल होने के बाद राहुल जंघेल उर्फ मान्या सुर्वे को गिरफ्तार किया गया था।

वहीं, आमातालाब के बगीचा पारा में गंडासा लहराकर लोगों को डराने, जन्मदिन की पार्टी में चाकू लहराते हुए डांस करने और सोशल मीडिया पर अवैध कट्टे के साथ वीडियो पोस्ट करने के मामले भी सामने आए। इसके अलावा महादेवघाट में शादी समारोह के दौरान बंदूक से हवाई फायरिंग का वीडियो भी वायरल हुआ था।

पुलिस ने दी चेतावनी, हथियारों वाली रील पर होगी कार्रवाई

रायपुर के डीसीपी क्राइम एंड साइबर स्मृतिक राजनाला के अनुसार, सोशल मीडिया पर हथियार दिखाते हुए वीडियो बनाकर वायरल करने के मामलों में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। ऐसे वीडियो के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं।

पुलिस की अपील है कि युवा सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए कानून का उल्लंघन न करें। आम नागरिकों को भी ऐसे वीडियो को बिना जांचे आगे साझा करने से बचना चाहिए। यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है, तो उसकी सूचना पुलिस को दें और संबंधित व्यक्ति से खुद भिड़ने से बचें।