रायपुर

CG Election 2018: छत्तीसगढ़ में टिकट बांटने वाले भी हारते रहे हैं चुनाव, बढ़ रहीं धड़कनें

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में मतदान के बाद राजनीतिक जीत-हार के दावों के बीच अनिश्चितता का एक भंवर भी बना हुआ है। उम्मीदवारों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं।
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Nov 28, 2018
CG Election 2018
भाजपा-कांग्रेस दोनों ने किया बहुमत का दावा लेकिन 20 सीटें तय करेंगी किसे मिलेगी सत्ता

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में मतदान के बाद राजनीतिक जीत-हार के दावों के बीच अनिश्चितता का एक भंवर भी बना हुआ है। उम्मीदवारों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। जीत के दावों के बावजूद प्रमुख राजनेता भी आश्वस्त नहीं हो पा रहे हैं। इसके पीछे वजह है छत्तीसगढ़ का राजनीतिक इतिहास। यहां अपने दलों के लिए टिकट बांटने वाले नेता भी अपना चुनाव हारते रहे हैं।

पिछले तीन चुनाव इसके गवाह रहे हैं। 2003 के चुनाव में प्रदेश की राजनीति के 14 दिग्गज हार गए थे। वहीं 2008 में भी 9 प्रमुख राजनेता अपनी सीट नहीं जीत पाए। यह क्रम 2013 के चुनाव में भी टूटा नहीं। उस बार भी कांग्रेेस और भाजपा के 13 प्रमुख नेताओं को हार का मुंह देखना पड़ा। हारने वालों में नेता प्रतिपक्ष रविंद्र चौबे और विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक भी शामिल थे। 2008 के चुनाव में तो जनता ने गजब किया था।

कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष धनेंद्र साहू अभनपुर की अपनी सीट भाजपा के चंद्रशेखर साहू से हार गए थे। वहीं कार्यकारी अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा भी हार गए थे। तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा भी अपना जलवा कायम नहीं रख पाए। उस समय विधानसभा में विपक्ष के उप नेता रहे भूपेश बघेल भी पाटन की सीट गवां बैठे थे।

ये वे नेता थे, जिन्होंने प्रत्याशी तय करने से लेकर प्रचार अभियान तक में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। भाजपा के भी तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय पत्थलगांव से हार गए थे। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय को भी बदरुददीन कुरैशी के हाथों भिलाई नगर की अपनी सीट गवां बैठे वहीं तत्कालीन पंचायत मंत्री अजय चंद्राकर को भी जनता ने नकार दिया था।

इस बार इन दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर
डॉ. रमन सिंह, भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव, अमित जोगी, रेणु जोगी, धरमलाल कौशिक, बृजमोहन अग्रवाल, अमर अग्रवाल, मोहम्मद अकबर, ताम्रध्वज साहू, शिव कुमार डहरिया, कवासी लखमा, सत्यनारायण शर्मा, धनेंद्र साहू, चंद्रशेखर साहू, डॉ. चरणदास महंत, रामसेवक पैकरा, अमरजीत भगत, अजय चंद्राकर।

2003 में ये हारे
नंद कुमार साय भाजपा
लीलाराम भोजवानी भाजपा
तरुण चटर्जी कांग्रेस
गंगूराम बघेल कांग्रेस
अमितेष शुक्ला कांग्रेस
चंद्रशेखर साहू भाजपा
धरमलाल कौशिक भाजपा
बनवारीलाल अग्रवाल भाजपा
तुलेश्वर सिंह कांग्रेस

2008 में ये हारे
विष्णदेव साय भाजपा
धनेंद्र साहू कांग्रेस
प्रेमप्रकाश पाण्डेय भाजपा
महेंद्र कर्मा कांग्रेस
भूपेश बघेल कांग्रेस
अजय चंद्राकर भाजपा
सत्यनारायण शर्मा कांग्रेस
गणेशराम भगत भाजपा

2013 में भी दोहराया गया इतिहास
धरमलाल कौशिक भाजपा
ननकीराम कंवर भाजपा
हेमचंद्र यादव भाजपा
चंद्रशेखर साहू भाजपा
रामविचार नेताम भाजपा
लता उसेंडी भाजपा
रविंद्र चौबे कांग्रेस
मोहम्मद अकबर कांग्रेस
धरमजीत सिंह कांग्रेस
अमितेष शुक्ला काग्रेस
ताम्रध्वज साहू कांग्रेस
शिव कुमार डहरिया कांग्रेस

Updated on:
28 Nov 2018 02:07 pm
Published on:
28 Nov 2018 02:04 pm