
रायपुर. कोरोना संक्रमण काल के चलते छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल (Chhattisgarh State Open School) की परीक्षा के पैटर्न में बदलाव विभागीय अधिकारियों ने किया है। इस सत्र फेल होने वाले छात्रों को दोबारा मौका छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल के जिम्मेदार नहीं देंगे। छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल के जिम्मेदार अधिकारियों के इस निर्णय से लगभग 18 हजार से ज्यादा छात्र इस वर्ष पूरक परीक्षा में शामिल नहीं हो गए। उक्त मामलें में विभागीय अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है। वरिष्ठ अधिकारियों का निर्देश होने का हवाला देते हुए बयानबाजी करने से बच रहे हैं।
19 हजार से ज्यादा छात्र हुए फेल
छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल के जिम्मेदारों से मिली जानकारी के अनुसार 12वीं की परीक्षा में 12 हजार 236 और 10वीं की परीक्षा में 7 हजार 329 बच्चे फेल हो गए हैं। इन बच्चों को हर वर्ष की तरह दोबारा अवसर परीक्षा में शामिल होने का मौका मिलना चाहिए। बोर्ड के अधिकरियों के इस निर्णय से ओपन स्कूल बोर्ड से पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं का एक साल बर्बाद हो जाएगा।
कम बच्चे फेल इसलिए अवसर नहीं
10वीं और 12वीं के छात्रों के फेल होने का आंकड़ा देख तो 19 हजार से ज्यादा छात्र फेल है, लेकिन विभागीय अधिकारी फेल छात्रों की संख्या कम होने का हवाला देते हुए परीक्षा ना लेने की बात कह रहे हैं। चूंकि इस बार ओपन स्कूल बोडज़् ने असाइनमेंट परीक्षा ली थी। इसके तहत बच्चों को दोबारा मौका नहीं दिया जा सकता था। अधिकारियों के मुताबिक घर में बच्चों ने कापी लिखी थी । दूसरी ओर विशेषज्ञों का कहना है कि कम बच्चों के लिए परीक्षा नहीं कराने के पीछे ओपन बोर्ड की मंशा परीक्षा में हो रहे खर्च को बचाने की भी हो सकती है। बहरहाल, जिन बच्चों की परीक्षा नहीं हो रही है उन्हें अब छह महीने इंतजार करना पड़ेगा।