रायपुर नगर निगम ( Raipur Municipal Corporation ) के सदन में पहली बार कांग्रेस पार्षदों की सबसे कम संख्या होने का असर सभापति चुनाव (Chairman election) में साफ दिखा। विपक्षी खेमे (opposition camp ) से किसी सदस्य ने नामांकन (nomination) दाखिल नहीं किया। ऐसे में पांच बार के पार्षद सूर्यकांत राठौर (five-time councillor Suryakant Rathore ) सभापति समेत अपील समिति के चार सदस्य निर्विरोध चुने गए।
पीठासीन अधिकारी कलेक्टर गौरव सिंह ने चुनावी प्रक्रिया पूरी करते हुए महापौर मीनल चौबे के साथ सूर्यकांत को सभापति और अपील समिति के चारों सदस्यों को प्रमाणपत्र के साथ शुभकामनाएं दी। निगम मुख्यालय के सामान्य सभा हाल में शुक्रवार को निगम का प्रथम सम्मिलन हुआ। पीठासीन अधिकारी कलेक्टर गौरव सिंह और निगम आयुक्त विश्वदीप ने नामांकन लेने, नाम वापसी सहित पूरी प्रक्रिया की। चूंकि भाजपा पार्षदों की तरफ से सिंगल नाम थे, इसलिए दोपहर डेढ़ बजे निर्वाचित घोषित किए। निगम का सदन जय श्रीराम, जय जगन्नाथ, जय श्रीकृष्ण के जयकारे से गूंजा। महापौर मीनल चौबे ने भी जय श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए। इस दौरान निर्वाचित सभापति सूर्यकांत को फूलमालाओं और पुष्पगुच्छों से लाद दिया गया। बाहर आतिशबाजी कर भाजपा कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया।
नगर निगम अपील समिति में भाजपा के चार पार्षद विनय पंकज निर्मलकर, राजेश गुप्ता, महेन्द्र औसर, स्वप्निल मिश्रा निर्विरोध चुने गए। समिति की अध्यक्ष खुद महापौर मीनल चौबे होंगी। निगम प्रशासन के किसी भी फैसले से असहमति या असंतुष्ट होने की स्थिति में कोई व्यक्ति इस समिति के समक्ष अपील प्रस्तुत कर सकता है।
नगर निगम चुनाव नतीजे के 15 दिनों के अंदर सभापति और अपील सदस्यों का चुनाव कराने का नियम है। सभापति चुनाव के एक सप्ताह के अंदर महापौर परिषद का गठन करना अनिवार्य है। एमआईसी में कौन-कौन सदस्य होंगे, यह महापौर और भाजपा के नेता तय करेंगे। इसी तरह निगम के 10 जोनों में भाजपा पार्षद ही जोन अध्यक्ष होंगे। कांग्रेस किसी भी जोन में अपना दावा पेश नहीं कर पाएगी। क्योंकि उसके सातों पार्षद अलग-अलग क्षेत्रों से हैं।