रायपुर

CG Fraud: विदेशी मुद्रा के नाम पर ठगी, गिरोह का तीसरा आरोपी पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार

CG Fraud: करेंसी टॉवर के एक को-वर्किंग स्पेस में बुलाया. उसे 18,000 अमेरिकी डॉलर और 2,000 ब्रिटिश पाउंड साथ लाने को कहा गया, बदले में भारतीय रुपये देने का झांसा दिया गया।

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Mar 29, 2026
ठग गिरोह का तीसरा आरोपी पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार (Photo Patrika)

CG Fraud: विदेशी मुद्रा के नाम पर ट्रेवल्स कारोबारी से लाखों की ठगी करने वाले गिरोह का तीसरा आरोपी पकड़ा गया। आरोपी पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार हुआ। इस मामले में दो आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं। पुलिस के मुताबिक टूर एंड ट्रेवल्स कारोबारी हरदीप सिंह होरा से विदेशी मुद्रा के बदले भारतीय मुद्रा बदलने के नाम पर लाखों की ठगी हो गई थी।

इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी अमन शर्मा को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मूलत: हरियाणा का रहने वाला है, लेकिन लखनऊ में रहकर ठगी करता था। इसी मामले में उसके भाई मयंक शर्मा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रकरण में अब तक तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

मामा संग मिलकर 22 घटनाओं को दिया अंजाम

आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया है कि उसने अपने मामा व अन्य साथियों के साथ मिलकर ठगी को अंजाम दिया। इसी तरीके से महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान, तेलंगाना, चेन्नई, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश सहित अन्य राज्यों में 22 घटनाओं को अंजाम दिया है। इससे 3 करोड़ की ठगी की है।

करेंसी एक्सचेंज के बहाने बुलाकर रची साजिश

2 मार्च को आरोपी ने प्रार्थी को तेलीबांधा स्थित करेंसी टॉवर के एक को-वर्किंग स्पेस में बुलाया. उसे 18,000 अमेरिकी डॉलर और 2,000 ब्रिटिश पाउंड साथ लाने को कहा गया, बदले में भारतीय रुपये देने का झांसा दिया गया। जब प्रार्थी वहां पहुंचा, तो एक आरोपी नोट गिनने की मशीन लाने के बहाने बाहर चला गया, जबकि दूसरा फोन पर उसे उलझाता रहा। इसी दौरान आरोपी विदेशी करेंसी लेकर फरार हो गया। इस ठगी में कुल रकम करीब 19,47,400 रुपये आंकी गई है. मामले में थाना तेलीबांधा में अपराध दर्ज कर एण्टी क्राइम और साइबर यूनिट ने जांच शुरू की।

फिर एसीबी के नाम पर ब्लैकमेलिंग, हिरासत में दो संदेही

रायपुर में एसीबी-ईओडब्ल्यू के नाम पर फिर एक अधिकारी को ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। इसकी शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। दो संदेहियों को हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक पीडब्ल्यूडी के एक अधिकारी को पिछले कुछ दिनों से एसीबी अधिकारी बनकर कॉल किया जा रहा था। उन्हें धमकाया जा रहा था कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत है।

इसे वापस लेने के एवज में 5 लाख रुपए की मांग की जा रही थी। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी ने इसकी शिकायत राखी थाने में की। पुलिस ने मामले की जांच की। इस मामले में दो संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी एक मामले सामने आ चुका है, जिसमें एसीबी के नाम से रिटायर्ड पीडब्ल्यूडी अधिकारी को ब्लैकमेल किया जा रहा था। फिलहाल राखी पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Updated on:
29 Mar 2026 09:25 am
Published on:
29 Mar 2026 09:24 am
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