कॉलर दो दिन तक उसे पैसे देने के लिए कॉल करता रहा। अंकित ने बैंक में काम करने वाले अपने मित्र से इस घटना की जानकारी दी, तो उसने स्कीम के तहत अभी फंड ना जारी होने और ठगों से सचेत रहने की बात कही
रायपुर। तू डाल-डाल, मैं पात-पात... यह कहावत साइबर ठग और पुलिस के बीच बिल्कुल सटीक बैठती है। साइबर ठगों के पैटर्न का स्टडी करके सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक करके पुलिस आम लोगों को जागरूक रहने और सचेत रहने का निर्देश देती है, तो साइबर अपराधी ठगी का दूसरा पैटर्न अपनाकर लोगों को ठगने का प्रयास करने लगते हैं।
साइबर ठग इन दिनों लोगों की प्रोफाइल चेक करके उनके अनुसार ठगी का प्लान बना रहे हैं। पिछले दिनों पुलिस के संज्ञान में कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें साइबर ठगों ने पीड़ित की वर्कप्रोफाइल चेक करके उनको झांसे में लेने का प्रयास किया। साइबर ठगों ने जिन लोगों से संपर्क किया, वे जागरूक निकले तो उनके झांसे में नहीं आए। साइबर ठगों ने जिन लोगों को मैसेज किया, उन सभी ने साइबर सेल को इसकी सूचना दी है। साइबर सेल जागरूक राजधानीवासियों से सूचना के बाद आईपी नंबर के आधार पर साइबर ठगों की तलाश शुरू कर दी है।
बैंक लोन दिलाने के नाम ठगी
राजेंद्र नगर निवासी अंकित कुमार को बिजनेस लोन दिलाने के नाम पर कॉल आया। कॉल करने वाले शख्स ने खुद को प्राइवेट बैंक का कर्मी बताया और मुद्रा लोन दिलाने की बात कही। मुद्रा लोन के नाम पर अंकित तैयार हो गया, तो डिटेल मांगी। डिटेल मांगने के बाद कॉलर ने प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर 20 हजार रूपए मांगे। पैसे मांगने पर अंकित ने बैंक आकर पैसे देने की बात कही और फोन काट दिया। कॉलर दो दिन तक उसे पैसे देने के लिए कॉल करता रहा। अंकित ने बैंक में काम करने वाले अपने मित्र से इस घटना की जानकारी दी, तो उसने स्कीम के तहत अभी फंड ना जारी होने और ठगों से सचेत रहने की बात कही।
मेंहदी लगाने के नाम पर ठगी
रायपुर के फाफाडीह निवासी आस्था मेंहदी आर्टिस्ट है। आस्था ने अपने शौक को अपने प्रोफेशन में तब्दील किया है। आस्था को फेसबुक मैसेंजर में ठगों ने बैंगलोर की युवती बनकर संपर्क किया। आरोपियों ने मेंहदी लगवाने और उसके बदले प्लेन टिकट और अच्छा पैसा देने का दावा किया। आस्था ने एडवांस मांगा तो आरोपियों ने पैसा ट्रांसफर करने का मैसेज भेजा और ज्यादा पैसा देकर उसे वापस मांगने की बात कही। आस्था ने पति से अकाउंट चेक करवाया और ठगों को उन्हीं की भाषा में फटकार लगाई। आस्था के पति ने पुलिस को इस घटना की मौखिक सूचना दी है।
सामान बेचने के नाम पर ठगी
मोती नगर निवासी विक्की कुमार टू-व्हीलर गाड़ी खरीदने के लिए सोशल मीडिया में सर्च कर रहा था। विक्की को एक दोपहिया दिखी, जिसकी कंडीशन अच्छी थी। विक्की ने सोशल मीडिया यूजर से संपर्क किया, तो उसने खुद को आर्मी मैन बताया और रायपुर एयरपोर्ट में पदस्थ होने की बात कही। कॉलर ने पैसे ऑनलाइन भेजने और गाड़ी एयरपोर्ट पार्किंग से रीसिव करने की बात कही। विक्की ने एयरपोर्ट परिसर के बाहर मिलने के लिए कहा, तो बाद में आने की बात कहकर आरोपी ने फोन काट दिया।
केस-1
साइबर ठगी की घटनाओं को जागरूकता से ही रोका जा सकता है। हमारी टीम लगातार साइबर ठगों केे पैटर्न को स्टडी करके उन्हें सार्वजनिक करती है और लोगों को इन जैसे लोगों को सचेत रहने के लिए कहती है। शिकायत मिलने पर तत्काल एक्शन लेकर कई लोगों का पैसा भी रिफंड कराया गया है।
गिरीश तिवारी, प्रभारी, एसीसीयू
रायपुर पुलिस ने जारी किया 20 से ज्यादा पैटर्न
रायपुर पुलिस ने ठगों के 20 से ज्यादा पैटर्न जिलेवासियों के सोशल मीडिया में जारी किए हैं। पुलिस ने जो पैटर्न जारी किए उसमें केबीसी लॉटरी, लोन स्कैम, ऑनलाइन इनवेस्टमेंट, बैंक अधिकारी बनकर ठगी, क्यूआर कोड से ठगी, यूपीआई पिन ठगी, होम लोन, इंटरेस्ट लोन जैसे कई पैटर्न को सार्वजनिक किया है। इन पैटर्न और ठगों से सचेत रहने के लिए पुलिस कॉलोनियों में जाकर जागरूकता अभियान भी चला रही है।