महापौर की अध्यक्षता में एमआईसी की बैठक में नगर निगम में जल बोर्ड बनाने का फैसला लिया था, जिस पर वे अमल करने जा रही हैं। निगम में जल कार्य विभाग के अध्यक्ष संतोष सीमा साहू की मौजूदगी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करना तय की है।
शहर की पेयजल आपूर्ति दुरुस्त करने के लिए महापौर मीनल चौबे ने ठोस कदम उठाया है। पहली बार जल बोर्ड का गठन करते हुए उसमें दो अधीक्षण अभियंता समेत आठ इंजीनियरों की जिम्मेदारी तय की है ताकि शहर के 70 वार्ड के लोगों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति हो सके। नलों में गंदा पानी आने, कहीं कम-ज्यादा प्रेशर से सप्लाई, पाइप लाइन में लीकेज जैसी समस्याओं का समाधान जल बोर्ड के इंजीनियर करेंगे। महापौर ने साफ कर दिया है कि निगम प्रशासन की प्राथमिकता शहर की सफाई व्यवस्था और जलापूर्ति सिस्टम को दुरुस्त रखना है।
बता दें कि नगर निगम क्षेत्र में अमृत मिशन योजना के तहत पिछली महापौर परिषद में करोड़ों रुपए खर्च किए। इसके बावजूद हमेशा शुद्ध जलापूर्ति सप्लाई की समस्या का सामना लोगों को करना पड़ता है। कहीं नलों में गंदा पानी तो कहीं कम प्रेशर से पानी आने की शिकायतें बनीं हुई हैं। निगम के इंजीनियरों को यह भी पता नहीं कि कौन सी पाइपलाइन कहां से कहां कनेक्ट है। लीकेज की समस्या आम बात हो गई। गर्मी के महीनों में जल संकट गहरा जाता है। ऐसी स्थिति में टैंकरों से जलापूर्ति की नौबत बरकरार है। इन्हीं समस्या को देखते हुए महापौर की अध्यक्षता में एमआईसी की बैठक में नगर निगम में जल बोर्ड बनाने का फैसला लिया था, जिस पर वे अमल करने जा रही हैं। निगम में जल कार्य विभाग के अध्यक्ष संतोष सीमा साहू की मौजूदगी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करना तय की है।
एमआईसी के फैसले पर अमल करते हुए निगम आयुक्त विश्वदीप ने जल बोर्ड का गठन करते हुए 8 अभियंताओं की टीम बनाई है। जो आपस में मिलकर पेयजल पाइप लाइन नेटवर्क का खाका तैयार करेंगे। शहर में कुल 43 पानी टंकियों से जलापूर्ति हो रही है और तीन पानी टंकियाें का निर्माण होने जा रहा है। इन टंकियों से पाइप लाइन कहां से कहां तक बिछाई गई है। किन-किन जगहों से कनेक्ट की गई है। जमीनी स्तर पर इसका मानचित्र बनाकर प्रस्तुत करेंगे ताकि पेयजल समस्या का स्थायी तौर पर समाधान हो जाए।
निगम आयुक्त विश्वदीप ने जल बोर्ड में अधीक्षण अभियंता स्तर के दो इंजीनियरों को शामिल किया है। निगम मुख्यालय में अमृत मिशन योजना का काम देख रहे राजेश नायडू को जल बोर्ड का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। प्रभारी अधीक्षण अभियंता राजेश राठौर को प्रधानमंत्री आवास, योजना शाखा एवं 15वें वित्त आयोग के दायित्व से मुक्त करते हुए कार्यपालन अभियंता अंशुल शर्मा जूनियर को पूर्ण प्रभार दिया है। जलप्रदाय एवं फिल्टर प्लांट के कार्यपालन अभियंता नरसिंग फरेन्द्र को जल बोर्ड का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इंजीनियरों में जोन 8 के सहायक अभियंता अनुराग पाटकर, अमृत मिशन मुख्यालय उप अभियंता रमेश पटेल, रायपुर स्मार्ट सिटी लिमि में उप अभियंता योगेन्द्र साहू और उप अभियंता शुभम तिवारी को जल बोर्ड में अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।
महापौर मीनल चौबे ने स्पष्ट कर दिया है कि जलापूर्ति को लेकर अब कोई बहानेबाजी नहीं चलेगी। जल बोर्ड के आठों इंजीनियर शहर में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। राइर्जिंगमेन लाइन और डिस्ट्रिब्यूशन लाइन का निरीक्षण वार्ड और जोन स्तर पर करेंगे। पेयजल नेटवर्क का पूरा नक्शा तैयार कर प्रस्तुत करेंगे। नगर निगम के सभी जोनों और वार्डों का भ्रमण कर पेयजल समस्या ग्रस्त क्षेत्रों की पहचान कर कारण सहित विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे और यह भी बताएंगे कि इसका समाधान क्या है।