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CG News: रोलिंग पेपर और स्मोकिंग कोन पर रोक! पूर्व CM भूपेश बघेल ने पूछा- क्यों नहीं स्थायी आदेश?

CG News: रायपुर में रोलिंग पेपर, गोगो स्मोकिंग कोन और परफेक्ट रोल जैसे उत्पादों की बिक्री पर पुलिस कमिश्नर द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

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रोलिंग पेपर और स्मोकिंग कोन पर रोक(photo-AI)

रोलिंग पेपर और स्मोकिंग कोन पर रोक(photo-AI)

CG News: छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर में रोलिंग पेपर, गोगो स्मोकिंग कोन और परफेक्ट रोल जैसे उत्पादों की बिक्री पर पुलिस कमिश्नर द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस आदेश को “अजब-गजब” करार देते हुए सरकार की मंशा और गंभीरता पर सवाल उठाए हैं।

CG News: सरकार खुद मान रही है नशे की समस्या: भूपेश

पूर्व मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि इस आदेश से साफ जाहिर होता है कि सरकार खुद यह मान रही है कि रायपुर में गांजा, चरस जैसे नशीले पदार्थों का सेवन बड़े पैमाने पर हो रहा है। उन्होंने कहा कि नशे से जुड़ी सामग्री पर प्रतिबंध लगाना मूल समस्या का समाधान नहीं है।

डिस्पोजल-गिलास उदाहरण से कसा तंज

भूपेश बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि यह वैसा ही है जैसे शराब की खपत कम करने के लिए डिस्पोजल या कांच के गिलास की बिक्री पर ही रोक लगा दी जाए। उनके अनुसार, नशे की जड़ पर कार्रवाई करने के बजाय सरकार सिर्फ प्रतीकात्मक फैसले ले रही है।

आदेश की समय-सीमा पर सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रतिबंध की अवधि को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि यह आदेश सिर्फ 29 मार्च 2026 तक, यानी महज दो महीने के लिए ही क्यों लागू किया गया है। यदि सरकार वाकई गंभीर है, तो इसे स्थायी आदेश क्यों नहीं बनाया गया। भूपेश बघेल ने आदेश में लिखे गए शब्दों-“यदि बीच में वापस न लिया गया”-को भी संदेह के घेरे में रखते हुए सवाल किया कि आखिर ऐसा कौन है जो इस आदेश को बीच में वापस ले सकता है।

सिर्फ रायपुर नहीं, पूरे प्रदेश में नशे की समस्या

उन्होंने कहा कि नशे की समस्या सिर्फ रायपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरा छत्तीसगढ़ इसकी गिरफ्त में है। यदि सरकार वास्तव में गंभीर है, तो उसे दिखावटी नहीं बल्कि ठोस और स्थायी फैसले लेने चाहिए। भूपेश बघेल ने अंत में आरोप लगाया कि सरकार इस तरह के आदेश सिर्फ मीडियाबाज़ी के लिए निकाल रही है, जबकि नशे जैसी गंभीर समस्या के लिए सख्त और प्रभावी नीति की जरूरत है।

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