राज्य पिछड़ा वर्ग विकास संगठन ने मुख्यमंत्री के निर्णय को बताया धरोहर
रायपुर . छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग विकास संगठन ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा गोवर्धन पूजा को गौठान दिवस के रूप में मनाए जाने के निर्णय ऐतिहासिक है। मुख्यमंत्री के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि गोठान दिवस के रूप में गांव की परंपरा-संस्कृति बिखरेगी। जो छत्तीसगढ़ की गांव संस्कृति के रूप में धरोहर साबित होगी।
संगठन ने गौ माता की पूजा को ऐतिहासिक बनाने का निर्णय किया है।संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सूरज निर्मलकर ने कहा मुख्यमंत्री बघेल के इस निर्णण से गांव की संस्कृति और परंपरा को बढ़ावा मिलेगा। गोठान दिवस को शासकीय स्वरूप देना अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री का यह कदम मूल छत्तीसढिय़ों के स्वाभिमान को जगाने वाला है, जिसमें गांवों की संस्कृति और परंपराएं रची-बसी हैं।
सपरिवार उत्सव में शामिल होंगे
पिछड़ा वर्ग संगठन गोवर्धन पूजा के दिन पूरे छत्तीसगढ़ में इस आयोजन में बढ़-चढ़कर सपरिवार शामिल होकर उत्सव मनाने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार के मुखिया के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है। इनमें छत्तीसगढिय़ा सर्व समाज के संयोजक रमेश यदु, विपिन साहू, युवा प्रदेश अध्यक्ष अरुण जंघेल, पिछड़ा समाज के अध्यक्ष विष्णु बघेल, अजय चौहान प्रवक्ता, शहर जिला पिछड़ा वर्ग संगठन के अध्यक्ष शत्रुघ्न देवांगन, महासचिव रामचरण सोनकर, देवांगन समाज के अध्यक्ष चोवा राम देवांगन, अजय हंसा, कुलेश्वर वर्मा, वीरेंद्र देवांगन, धोबी समाज के जिला अध्यक्ष अश्वनी निर्मलकर, जितेंद्र निर्मलकर, महासचिव मुकेश निर्मलकर, सोनकर समाज के प्रदेश अध्यक्ष शारदा प्रसाद सोनकर, हेमंत देवांगन, संजू यादव सहित अनेक समाज प्रमुखों ने सरकार के निर्णय को अनुकरणीय बताया।
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