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सड़क निर्माण कार्य में ऐसे किया जाता है फ्रॉड, राजिम SDM के पास आई शिकायत ने चौंकाया

Raipur News: सड़क निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं को लेकर मामला तूल पकड़ने लगा है। एसडीएम के पास पहुंचे शिकायत में लोगों ने गंभीर सवाल उठाएं है। वहीं तत्काल निर्माण कार्य रोकने की मांग की है..
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रायपुर

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Chandu Nirmalkar

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Vinod jain

Jul 23, 2026

raipur news, chhattisgarh news

लोगों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन ( Photo - Patrika )

Chhattisgarh News: राजिम नगर के नए मेला मैदान से लक्ष्मण झूला तक लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता और कथित अनियमितताओं को लेकर मामला तूल पकड़ने लगा है। मामले में अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) राजिम को शिकायत सौंपकर निष्पक्ष तकनीकी जांच की मांग की गई है।

Raipur News: लगाए ये आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निर्माण स्थल पर परियोजना से संबंधित अनिवार्य सूचना-पटल नहीं लगाया गया है। इसके कारण निर्माण एजेंसी, ठेकेदार, स्वीकृत लागत, कार्य अवधि और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी आम नागरिकों को उपलब्ध नहीं हो पा रही है।

आवेदन में यह भी दावा किया गया है कि निर्माण कार्य के लिए राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) से आवश्यक अनुमति नहीं ली गई है। साथ ही पुरातत्व विभाग द्वारा भी संबंधित विभाग एवं ठेकेदार को नोटिस जारी किए जाने का उल्लेख किया गया है।

गुणवत्ता पर उठे सवाल

शिकायतकर्ता का आरोप है कि वर्षा ऋतु से पहले नदी किनारे बिना रिटेनिंग वॉल बनाए मिट्टी डाली गई, जो बारिश के दौरान बहकर नदी में समा रही है। ( Raipur News ) इससे सरकारी धन के दुरुपयोग और निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आवेदन में विभिन्न समाचार माध्यमों में प्रकाशित खबरों का हवाला देते हुए उपयोग की गई मिट्टी की गुणवत्ता पर भी प्रश्न उठाए गए हैं तथा निर्माण कार्य के एवज में ठेकेदार को बड़ी राशि के भुगतान की जानकारी होने का उल्लेख किया गया है।

निर्माण पर रोक लगाने की मांग

शिकायतकर्ता ने एसडीएम से मांग की है कि मामले की सक्षम तकनीकी अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराई जाए, जांच पूरी होने तक आवश्यक होने पर निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए, दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा जांच पूर्ण होने तक किसी भी प्रकार का भुगतान रोका जाए।

हालांकि, आवेदन में लगाए गए सभी आरोप शिकायतकर्ता के दावे हैं। इनकी पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी। समाचार लिखे जाने तक लोक निर्माण विभाग अथवा अन्य संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया था।