रायपुर

छत्तीसगढ़ के व्यापारियों ने की मांग – कहा GST में शामिल हो पेट्रोल और डीजल

कार्यक्रम में मांग उठी कि पेट्रोलियम पदार्थों को यदि जीएसटी के दायरे में लाया जाए, तो

2 min read
Jun 29, 2018
छत्तीसगढ़ के व्यापारियों ने की मांग - कहा GST में शामिल हो पेट्रोल और डीजल

रायपुर. जीएसटी को लागू हुए एक साल बीतने को है, लेकिन बाजार में अभी भी जीएसटी को लेकर कारोबारियों में कई मुद्दो को लेकर नाराजगी कायम है।चाहे वह ऑनलाइन सिस्टम की खराबी की वजह से चाहे हर महीने में चार रिटर्न भरने की वजह से।1 जुलाई 2017 से जीएसटी लागू हुआ।

लेकिन आज भी कई ऐसी विसंगतियां है, जिस पर कारोबारियों ने सुधार की गुजारिश की है।जीएसटी काउंसिल की बैठकें लगातार आयोजित हो रही है। बावजूद इसके अभी तक कारोबारी संगठनों की कसक बाकी है कि जीएसटी लागू होने के बाद बाजार पटरी पर नहीं लौट सका है।

पत्रिका बाजार कार्यक्रम में जीएसटी के एक साल पूरे होने के ठीक पहले कारोबारी संगठनों, विशेषज्ञों, सेल टैक्स बार एसोसिएशन ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में लोगों का मिला-जुला निष्कर्ष रहा।जिसमें उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद कई सेक्टर जैसा फार्मा, ऑटोमोबाइल्स, रियल एस्टेट, स्टील आदि में काफी सुधार हुआ, लेकिन छोटे और मंझोले उद्योगों को इससे झटका लगा है।

कार्यक्रम में मांग उठी कि पेट्रोलियम पदार्थों को यदि जीएसटी के दायरे में लाया जाए, तो निश्चित तौर पर खपत बढ़ेगी, वहीं राजस्व में वृद्धि होगी। चूंकि राज्य सरकार का सबसे ज्यादा रेेवेन्यू पेट्रोलियम पदार्थों से आता है, लिहाजा इस अभी शामिल नहीं किया जा रहा है, लेकिन इस पर विचार जरूर किया जा रहा है।

कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने इस बात को स्वीकार किया कि जीएसटी लागू होने के बाद भी ग्राहकों को कीमतों से राहत नहीं मिली है। इससे पहले सरकार ने कंपनियों को हिदायत दी थी कि ऐसी वस्तुएं जिसमें कर की दर में कम की गई है। ऐसी वस्तुओं की कीमतें कम की जाए, वहीं नई और पुरानी एमआरपी साथ में लिखा जाए, मगर कंपनियों ने ऐसा नहीं किया।


नरेशचंद्र गुप्ता (सदस्य, राज्य वित्त आयोग), महेश कुमा शर्मा (महासचिव, छत्तीसगढ़ सेल टैक्स बार एसोसिएशन), चेतन तारवानी (पूर्व अध्यक्ष, आयकर बार एसोसिएशन), भरत बजाज (जीएसटी कमेटी संयोजक, चैंबर ऑफ कॉमर्स), गोपाल कृष्ण तावनिया (सचिव, सेल टैक्स बार एसोसिएशन रायपुर), आशुतोष श्रीवास्तव (उपाध्यक्ष, सेल टैक्स बार एसोसिएशन रायपुर), विवेक सारस्वत (जीएसटी एडवाइजर), जितेंद्र दोषी (महामंत्री, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स, सीजी चेप्टर) परमानंद जैन (कार्यकारी महामंत्री,कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स, सीजी चेप्टर), प्रदीप बजाज (युवा कारोबारी)।

Updated on:
29 Jun 2018 01:20 pm
Published on:
29 Jun 2018 01:18 pm