- 30 नवंबर के लिए कलेक्टर की गाइडलाइन जारी - गुरुद्वारों में 50 प्रतिशत लोगों की उपस्थिति में गुरुवाणी का श्रवण
रायपुर. गुरुनानक देव के 551वे प्रकाश पर्व पर नगर कीर्तन नहीं निकल सकेगा। गुरुपर्व पर न तो सामूहिक जलसा होगा और न ही सांस्कृतिक कार्यक्रम। 30 नवंबर को सिख समाज गुरुद्वारों में 50 प्रतिशत लोगों की उपस्थिति में गुरुवाणी का श्रवण और अरदास कर सकेगा। कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन ने कोरोना नियमों का पालन करने के लिए गाइड लाइन जारी की है।
गुरुपर्व पर हर साल भव्य आयोजन होता था। फूलों से सजी गुरु की सवारी के साथ नगर कीर्तन का सैलाब, गतका दला का प्रदर्शन करते हुए स्टेशन रोड गुरुद्वारा से लोग टाटीबंध गुरुद्वारा पहुंचते थे। लेकिन इस बार भव्य आयोजन करने की अनुमति नहीं दी गई है। सादगी के साथ उत्सव मनेगा। मास्क, सेनिटाइजर और सोशल डिस्टेसिंग अनिवार्य रहेगा।
इसी शर्त पर सिख समाज गुरुद्वारों में गुरुपर्व का आयोजन कर सकेगा। गुरुद्वाराा प्रबंधक कमेटियों को यह तय करना होगा कि बिना मास्क कोई भी व्यक्ति गुरुद्वारे में प्रवेश न करेंगे और न ही लंगर का आयोजन होगा।
ग्रीन पटाखे फोड़ने की अनुमति
जिला प्रशासन ने ग्रीन पटाखे फोड़ने की अनुमति दी है। वह भी रात केवल 10 बजे तक। आयोजन स्थल पर बुजुर्गो और बच्चों को शामिल करने की छूट भी नहीं है। कंटेंमेंट जोन में कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं।