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Corruption Cases: भ्रष्टाचार में सूरजपुर अव्वल, सूची में रायपुर समेत इन जिलों के नाम शामिल, हुई 124 गिरफ्तारियां

Corruption Cases in CG: छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के मामले कम होने के बजाए बढ़ रहे हैं। बीते पांच साल में रिश्वतखोरी का 'ग्राफ' 35% चढ़ा है। वहीं साल 2025 में 60 लोग रंगे हाथों दबोचे गए हैं..

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Corruption cases in chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में रिश्वतखोरी का 'ग्राफ' 35% चढ़ा ( Photo - Patrika )

Corruption Cases in CG: राकेश टेंमुरकर. छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के दावों के बीच एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) की कार्रवाई ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं। वर्ष 2025 के दौरान प्रदेश में रिश्वतखोरी के मामलों में 35 फीसदी का बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। एसीबी ने इस साल एनटीपीसी के जीएम से लेकर भृत्य तक, कुल 60 लोगों को रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा है, जबकि 2024 में यह संख्या 44 थी।

Corruption Cases in CG: राजस्व विभाग सबसे भ्रष्ट विभाग

आंकड़ों का विश्लेषण करें तो राजस्व विभाग प्रदेश का सबसे भ्रष्ट विभाग बनकर उभरा है। बीते 5 वर्षों में गिरफ्तार 124 अधिकारी-कर्मचारियों में अकेले राजस्व विभाग के 36 लोग शामिल हैं। जिलावार स्थिति देखें तो सूरजपुर रिश्वतखोरी में सबसे आगे रहा, जहां सर्वाधिक 10 प्रकरण दर्ज किए गए। इसके बाद मुंगेली (6), रायपुर (5) और रायगढ़ (5) का नंबर आता है।

बड़े घोटालों पर ईओडब्ल्यू की टेढ़ी नजर

सिर्फ रिश्वतखोरी ही नहीं, बल्कि बड़े संगठित अपराधों और घोटालों पर भी जांच एजेंसियों ने शिकंजा कसा है। ईओडब्ल्यू ने 2025 में महादेव सट्टा एप, शराब घोटाला, कोल स्कैम, डीएमएफ, तेंदूपत्ता और कस्टम मिलिंग जैसे 10 बड़े संवेदनशील प्रकरणों में 120 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की। कुल मिलाकर, एसीबी और ईओडब्ल्यू ने साल भर में 160 से ज्यादा स्थानों पर दबिश देकर भ्रष्टाचार के नेटवर्क को खंगाला है।

लॉकडाउन में भी नहीं थमा खेल

हैरानी की बात यह है कि जब 2020 में कोरोना संक्रमण के चलते पूरा देश थम गया था, तब भी भ्रष्ट अधिकारियों के हाथ नहीं रुके। लॉकडाउन की अवधि में भी एसीबी ने जाल बिछाकर 22 लोगों को रिश्वत लेते हुए जेल की सलाखों के पीछे भेजा था। 2019 से 2025 तक के रेकॉर्ड बताते हैं कि केवल 2023 ही ऐसा साल रहा, जब रिश्वतखोरी का एक भी प्रकरण दर्ज नहीं हुआ।

एक्शन मोड: जेल के साथ निलंबन की गाज

एसीबी चीफ ने स्पष्ट किया है कि ट्रैप की कार्रवाई के दौरान बरामद रकम के आधार पर आरोपियों को न केवल न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा रहा है, बल्कि संबंधित विभागों द्वारा उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित भी किया गया है।

फैक्ट फाइल

रिश्वत लेते हुए 2024 में 44 आरोपी गिरफ्तार
रिश्वत लेते हुए 2025 में 60 आरोपी गिरफ्तार

एसीबी एवं ईओडब्ल्यू चीफ अमरेश मिश्रा ने बताया कि हमने 2025 में जीएम से लेकर मैदानी अमले तक 60 लोगों को रंगे हाथों पकड़ा है। रिश्वत की रकम बरामदगी के साथ ही विभागीय स्तर पर निलंबन की कार्रवाई भी सुनिश्चित की गई है।