अब अकेले जीवन व्यतीत करना कठिन है, एक बार उजड़ गई गृहस्थी फिर से बसाने की चाह में रविवार को कई लोग एक जगह पहुंचे। महामाया मंदिर के सत्संग हाल में हर किसी के चेहरे पर जीवन साथी तय होने की उम्मीदें साफ दिखाई दी। ये कार्यक्रम था सभी जाति व समाज की विधवा, विधुर […]
अब अकेले जीवन व्यतीत करना कठिन है, एक बार उजड़ गई गृहस्थी फिर से बसाने की चाह में रविवार को कई लोग एक जगह पहुंचे। महामाया मंदिर के सत्संग हाल में हर किसी के चेहरे पर जीवन साथी तय होने की उम्मीदें साफ दिखाई दी। ये कार्यक्रम था सभी जाति व समाज की विधवा, विधुर व वैध तलाकशुदा महिला, पुरुषों के पुनर्विवाह के परिचय सम्मेलन का। कई लोग ऐसे सामने आए, जिन्होंने कहा, पहली बार सातफेरे लेकर जीवन भर साथ निभाने का वादा किया था, परंतु किसी का जीवन साथी झगड़ा तो किसी का नशे की वजह से रिश्ता टूट गया।
सामाजिक संस्था रायपुर ब्राइट फाउंडेशन की ओर से पुरानी बस्ती महामाया मंदिर के सत्संग भवन हाल में ऐसे प्रतिभागियों के लिए परिचय सम्मेलन का यह 9 वां वर्ष था। फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रदीप गोविंद शितूत ,कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. मनोज ठाकुर, महासचिव अनघा करकशे एवं प्रवक्ता चेतन चंदेल ने बताया कि छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न प्रांतों से 472 प्रतिभागी आए और मंच पर अपनी परेशानी व दुखड़ा सुनाते हुए पूर्व के वैवाहिक स्थिति व पारिवारिक पृष्ठभूमि को मंच से साझा कर सहयोग मांगा।
मुख्य अतिथि भवन सन्निर्माण कर्मकार मंडल के पूर्व अध्यक्ष सुशील सन्नी अग्रवाल ने कहा कि शादी फिर से होगी या नहीं? यह नसीब पर निर्भर है, लेकिन संस्था का प्रयास सराहनीय है। क्योंकि निराशा से भरे चेहरों पर मुस्कान लाने का मंच मुहैया कराना सामाजिक दायित्व भी है। सदर बाजार वार्ड पार्षद मुरली शर्मा ने तलाक पर चिंता जाहिर की। सम्मेलन को गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के प्रदेश अध्यक्ष केपी.खण्डे, डॉ.जेआर.सोनी, उत्तम गर्ग, सुरेश रोचलानी, आशुतोष श्रीवास, चंद्रकांत शितूत आदि ने भी संबोधित किया।
बेंग्लूरु के कारोबारी एसआर उदयराज ने बताया कि उनकी उम्र 64 वर्ष है। पत्नी हर रोज झगड़ा करती तो 13 साल पहले तलाक हो गया। वे अंतरजाति पुनर्विवाह के लिए राजी हैं।