रायपुर

पूर्व CM के बेटे अमित जोगी को सजा या फिर राहत, सुप्रीम कोर्ट में 20 अप्रैल को होगी अंतिम सुनवाई

Jaggi Murder Case: जग्गी हत्याकांड में बिलासपुर हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे अमित जोगी अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचे है। दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने सुनवाई की तारीख का ऐलान किया है..

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Apr 06, 2026
पूर्व सीएम के बेटे अमित जोगी को सजा या फिर राहत ( Photo - Patrika )

Jaggi Murder Case: 23 वर्ष पुराने चर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में बिलासपुर हाईकोर्ट ने अमित जोगी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने जोगी को सरेंडर करने के निर्देश दिए हैं। दो अप्रैल को फैसला आने के बाद ​अमित जोगी अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचे है। आज याचिका स्वीकार करने के बाद अमित जोगी ने सोशल मीडिया के ​जरिए इसकी जानकारी दी। कहा कि मेरे से गंभीर अन्याय हुआ है। फिलहाल ने सुप्रीम कोर्ट ने मेरी दलील सुनने के बाद मामले की सुनवाई करने का फैसला लिया है। कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि मेरे साथ हुआ गंभीर अन्याय अब सुधारा जाएगा। सत्य और न्याय की जीत अवश्य होगी।

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Jaggi Murder Case: 20 अप्रैल को होगी संयुक्त सुनवाई

सर्वोच्च न्यायालय ने आज छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के दो निर्णयों - दिनांक 25 मार्च 2026 (जिसमें अपील दायर करने की अनुमति दी गई) और 2 अप्रैल 2026 (जिसमें अपील को स्वीकार किया गया) - दोनों को एक साथ जोड़ते हुए 20 अप्रैल को संयुक्त सुनवाई हेतु सूचीबद्ध किया।

बताया- सुनवाई का कोई अवसर नहीं दिए

इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और माननीय न्यायमूर्ति संजीव मेहता की पीठ द्वारा की गई। अमित जोगी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, मुकुल रोहतगी, विवेक तन्खा और सिद्धार्थ दवे उपस्थित हुए। उन्होंने माननीय सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि उच्च न्यायालय द्वारा पारित उपरोक्त दोनों निर्णयों में प्राकृतिक न्याय के मौलिक सिद्धांतों का पालन नहीं किया गया है और सर्वोच्च न्यायालय के 6.11.2025 के स्पष्ट आदेश का उल्लंघन करते हुए अमित जोगी को बिना सुनवाई का कोई अवसर दिए दोनों निर्णय पारित किए गए।

न्यायालय को यह भी अवगत कराया गया कि दिनांक 2 अप्रैल को उच्च न्यायालय का निर्णय, जिसमें पैरा 37 में यह दर्ज है कि यह बिना अमित जोगी को सुने पारित किया गया, आज ही सुबह उच्च न्यायालय की वेबसाइट में अपलोड किया गया। इस संबंध में रजिस्ट्रार (न्यायिक) ने उनके अधिवक्ता को दूरभाष पर सूचित किया था।

सर्वोच्च न्यायालय ने अमित जोगी को अंतिम निर्णय के विरुद्ध अपील 20 अप्रैल से पहले दायर करने के निर्देश दिए ताकि सभी मामलों की उसी दिन संयुक्त रूप से अंतिम सुनवाई की जा सके। अमित अजीत जोगी ने आज के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का स्वागत करते हुए पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि उनके साथ हुआ यह गंभीर अन्याय माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अवश्य सुधारा जाएगा।

2007 में हो गए थे बरी

जग्गी हत्याकांड को लेकर कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान 31 मई 2007 अमित जोगी बरी घोषित हुए थे। रायपुर की विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को ​सभी आरोपी से मुक्त करते हुए बरी किया था। इस फैसले के खिलाफ रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की। जिस पर अमित के पक्ष में स्टे लगा था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने केस को हाईकोर्ट भेज दिया था। अब इस मामले में अंतिम फैसला अमित जोगी के खिलाफ आया है।

Jaggi Murder Case: कौन थे राम अवतार जग्गी?

राम अवतार जग्गी एक कारोबारी पृष्ठभूमि से जुड़े प्रभावशाली नेता थे और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के करीबी माने जाते थे। जब शुक्ल ने कांग्रेस छोड़कर एनसीपी जॉइन की थी, तब जग्गी को पार्टी में अहम जिम्मेदारी दी गई थी। करीब दो दशक पुराने इस मामले में अब अदालत का अंतिम फैसला आया है।

Updated on:
06 Apr 2026 03:17 pm
Published on:
06 Apr 2026 03:13 pm
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